- बांग्लादेश: भगवान राम की 81 फीट मूर्ति निर्माण रोकने की साजिश? हिंदू युवक की गिरफ्तारी पर ढाका में विरोध
- ढाका में हिंदू, बौद्ध, ईसाई नेताओं ने हरिदास चंद्र तारणी दास की गिरफ्तारी के खिलाफ नेशनल प्रेस क्लब के बाहर किया बड़ा विरोध
- आरोप—मनी लॉन्ड्रिंग केस सिर्फ गाइबांधा में भगवान राम की 81 फीट प्रतिमा का निर्माण रोकने के लिए किया गया
- विरोध—पिछले साल बांग्लादेश में 3,000 घटनाएं, 66 लोगों की हत्या, कई मंदिरों पर हमले
समग्र समाचार सेवा
ढाका, 19 जुलाई:बांग्लादेश में एक बार फिर अल्पसंख्यक समुदाय का मुद्दा गरमाया है। ढाका में शनिवार को हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद द्वारा हिंदू युवक हरिदास चंद्र तारणी दास की गिरफ्तारी के खिलाफ नेशनल प्रेस क्लब के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मनी लॉन्ड्रिंग केस सिर्फ गाइबांधा के पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण को रोकने के लिए बनाया गया है।
नाथ ने कहा कि यह गिरफ्तारी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की लगातार बढ़ती घटनाओं का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल पूरे देश में 3,000 घटनाएं हुईं, जिनमें 66 लोगों की हत्या की गई और कई मंदिरों पर हमले हुए।प्रदर्शन के आयोजकों ने बताया कि दास को कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने गिरफ्तार किया और स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आरोप है कि हिंदू समुदाय के विरोध के कुछ सप्ताह बाद यह गिरफ्तारी हुई, जब एक इस्लामी प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान पर विवाद हुआ था।वरिष्ठ परिषद नेता सुब्रत चौधरी ने सभा में सरकार से पूछा—“ऐसी घटनाएं कौन कर रहा है जो सरकार को शर्मिंदा करती हैं? हम सरकार से उचित कार्रवाई की मांग करते हैं और दास की तत्काल रिहाई की अपील करते हैं। कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।”