समग्र समाचार सेवा,
नई दिल्ली, 19 जुलाई : संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले एनडीए की ताकत लोकसभा में 295 से बढ़कर 320 से ज्यादा हो गई है। इसका प्रमुख कारण शिवसेना (UBT) और टीएमसी के बागी सांसदों का सत्ता पक्ष के साथ जाना है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मान्यता दे दी। इसके साथ ही टीएमसी के 20 बागी सांसदों को भी एनडीए के साथ बैठने के लिए संसद में अलग सीटें दी गई हैं। सूत्रों की मानें तो टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने पीएम मोदी से मुलाकात कर एनडीए में शामिल होने की पुष्टि की है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के पत्र में इन सांसदों को NCPI (नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया) के सदस्य के रूप में संबोधित किया गया है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक टीएमसी के बागी सांसदों का विलय आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं किया है, फिर भी उन्हें NDA के हिस्से की सीटें मिल गई हैं। इसका अर्थ है कि ये सांसद अब महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्ताधारी गठबंधन के साथ वोट कर सकेंगे।
विपक्षी खेमे में चल रही आंतरिक कलह का सीधा फायदा एनडीए को मिला है। बजट सत्र के समय NDA के पास 295 सांसद थे, जो अब मानसून सत्र में 320 से अधिक हो गए हैं।