ओम बिरला की मंजूरी : उद्धव बागी शिंदे सेना में, टीएमसी बागी NCPI में
ओम बिरला ने उद्धव गुट के बागी सांसदों के शिंदे सेना में विलय और टीएमसी बागियों के NCPI से जुड़ाव को मंजूरी दी।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दी
- मानसून सत्र से पहले 20 टीएमसी बागी सांसदों को अलग सीटें आवंटित, NCPI के रूप में मान्यता पर विचार
- रविवार को सर्वदलीय बैठक और सोमवार से संसद का मानसून सत्र
- लोकसभा के आंतरिक सर्कुलर के अनुसार, अब शिंदे सेना के पास 13 सांसद, उद्धव गुट के पास 3
- टीएमसी बागियों का कहना—NCPI के साथ विलय पर जल्द फैसला आने की उम्मीद
- सरकार ने टीएमसी बागी सांसदों को सर्वदलीय बैठक में NCPI प्रतिनिधि के तौर पर आमंत्रित किया
- टीएमसी के डेरिक ओ’ब्रायन ने फैसले की आलोचना की, कहा—”लोकतंत्र का मजाक”
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19 जुलाई :लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों के शिंदे गुट में औपचारिक विलय और 20 टीएमसी बागी सांसदों के लिए संसद में अलग सीटें आवंटित करने की मंजूरी दे दी। मानसून सत्र और रविवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक से ठीक पहले यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया।
लोकसभा के नए आंकड़ों के अनुसार, शिंदे सेना के पास अब 13 सांसद हैं, जबकि उद्धव ठाकरे गुट के पास 3 ही रह गए हैं। वहीं, टीएमसी के 20 बागी सांसदों के NCPI में विलय का मामला विचाराधीन है और जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद जताई गई है।
बताया गया कि केंद्र सरकार ने टीएमसी बागियों को सर्वदलीय बैठक में NCPI प्रतिनिधि के तौर पर बुलाया है। इस फैसले की टीएमसी के राज्यसभा नेता डेरिक ओ’ब्रायन ने आलोचना करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का मजाक है।
उल्लेखनीय है कि शिंदे और टीएमसी दोनों गुटों के बागी सांसदों ने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष से अपने-अपने विलय के लिए आवेदन दिया था। स्पीकर ने दोनों पक्षों से मुलाकात भी की।