- पंजाब-हरियाणा सीमा पर शंभू बॉर्डर पर किसानों को दिल्ली जाने से रोका गया, भारी पुलिस बल तैनात
- किसान भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के विरोध में दिल्ली में महापंचायत करने निकले थे
- किसान संगठनों का आरोप—अमेरिकी कृषि व डेयरी उत्पादों को भारत में लाने से छोटे किसानों की आजीविका खतरे में
- किसान नेताओं ने सरकार से सभी व्यापार समझौते के दस्तावेज सार्वजनिक करने और व्यापक चर्चा की मांग की
समग्र समाचार सेवा
बठिंडा (पंजाब), 21 :पंजाब के किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में दिल्ली कूच का आह्वान किया था, लेकिन पुलिस ने पंजाब-हरियाणा सीमा स्थित शंभू बॉर्डर पर उन्हें रोक दिया। हजारों किसान सोमवार को दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत में भाग लेने के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया।
BKU शहीद भगत सिंह के तेजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब की सीमा में बैरिकेड लगाए और किसानों को रोकने में पंजाब सरकार ने भी सहयोग किया। किसान, हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र सहित कई जगहों से भी दिल्ली के लिए निकले थे।
किसान संगठनों—किसान मजदूर संघर्ष समिति, किसान मजदूर मोर्चा (पंजाब चैप्टर), आज़ाद किसान मोर्चा, BKU एकता संघर्ष आदि के जत्थे दिल्ली जा रहे थे। किसान नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से अमेरिकी कृषि व डेयरी उत्पादों को भारत में लाने से छोटे किसान, डेयरी उत्पादक, छोटे व्यापारी और सूक्ष्म उद्यमों की आजीविका पर बड़ा खतरा होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र करीब 8 करोड़ ग्रामीण परिवारों का सहारा है। ऐसे किसी समझौते का विपरीत असर पूरे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ेगा। किसान नेताओं ने सरकार से सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने और किसानों, श्रमिकों, डेयरी उत्पादकों, छोटे व्यापारियों आदि से चर्चा के बिना कोई समझौता न करने की मांग की है।