समग्र समाचार सेवा
चेन्नई | 30 जुलाई :अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन उर्फ राजेंद्र सदाशिव निकलजे को फर्जी पासपोर्ट मामले में चेन्नई की विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी ठहराते हुए 7 साल के कठोर कारावास और 55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला दो दशक से ज्यादा समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आया है।
मामले की शुरुआत और जांच:
- 19 मार्च 2002 को सीबीआई ने दर्ज की थी एफआईआर
- छोटा राजन ने चेन्नई आरपीओ में फर्जी पहचान, उम्र और पते के दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया
- जांच में सामने आया कि उसने ‘विजया कदम’ सहित कई फर्जी नामों का इस्तेमाल किया
- फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी रिकॉर्ड में झूठी पहचान दर्ज कराई, ताकि देश-विदेश में कानून से बच सके
अदालत की टिप्पणी:
- सरकारी दस्तावेजों में फर्जी जानकारी देकर पासपोर्ट बनवाना गंभीर अपराध
- इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान सत्यापन प्रणाली प्रभावित
- अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि ‘विजया कदम’ पहचान सिर्फ राजन की असली पहचान छुपाने के लिए बनाई गई थी
- अदालत ने सभी दस्तावेजी सबूतों और गवाहों के आधार पर दोषसिद्धि दी
फिलहाल की स्थिति:
- छोटा राजन अभी तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है
- यह नई सजा उसके कानूनी दायित्वों में और वृद्धि करेगी
- विशेषज्ञों का मानना—अब अन्य लंबित मामलों की सुनवाई भी तेज हो सकती है
न्यायिक संदेश:
- यह फैसला संगठित अपराध और फर्जी दस्तावेजों से सरकारी तंत्र को धोखा देने के मामलों में मिसाल बनेगा
- संदेश—फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों के जरिए कानून से बचना असंभव