8 अगस्त दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
चंद्रमा आपकी ही राशि में होने से मन में नया उत्साह रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी निर्णय क्षमता और नेतृत्व की सराहना होगी। क्रोध और जल्दबाजी में कोई वित्तीय फैसला न लें। जीवनसाथी या पार्टनर के साथ खुशनुमा समय बीतेगा। सिरदर्द या आंखों में खिंचाव महसूस हो सकता है, पर्याप्त नींद लें।

🐂वृषभ
अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें, बजट प्रभावित हो सकता है। विदेश से जुड़ा व्यापार करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। दफ्तर की राजनीति से दूरी बनाकर अपने काम पर ध्यान दें। लव पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी से बचें। आंखों की सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

👫मिथुन
मंगल आपकी राशि में होने से ऊर्जा और साहस में वृद्धि होगी। आकस्मिक धन लाभ और आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। दोस्तों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में नया उत्साह और आकर्षण बढ़ेगा। व्यायाम करते समय मांसपेशियों में खिंचाव से बचें।

🦀कर्क
सूर्य, बुध और गुरु आपकी राशि में होने से समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। करियर और व्यापार में बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। उच्च अधिकारियों से आपके काम की प्रशंसा मिलेगी। पारिवारिक जीवन सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फिर भी संतुलित दिनचर्या अपनाएं।

🐅सिंह
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, अटके हुए काम पूरे होंगे। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध हो सकती है। लव पार्टनर के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा की योजना बन सकती है। मानसिक शांति महसूस होगी, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

🙎‍♀️कन्या
आज लेनदेन के मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक किसी काम में रुकावट आ सकती है, धैर्य बनाए रखें। गोपनीय बातों को सहकर्मियों के साथ साझा न करें। रिश्तों में पारदर्शिता रखें, वाणी में मधुरता बनाए रखें। पेट से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें, हल्का भोजन लें।

⚖️तुला
व्यापार में साझेदारी से बड़ा लाभ मिलने के योग हैं। दैनिक रोजगार में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध और अधिक मजबूत होंगे। अविवाहितों के लिए विवाह के अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, योग और ध्यान से लाभ होगा।

🦂वृश्चिक
प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर आपकी विजय होगी। नौकरी में आपका प्रदर्शन शानदार रहेगा और काम में तेजी आएगी। व्यर्थ के विवादों से खुद को दूर रखें। लव लाइफ में संवाद बनाए रखें, छोटी बातों को तूल न दें। थकावट और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है।

🏹धनु
विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए शुभ दिन है। बौद्धिक कार्यों और रचनात्मकता से धन लाभ होगा। शेयर बाजार या निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी बरतें। प्रेमी के साथ भावनात्मक लगाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, ध्यान और मेडिटेशन करें।

🐊मकर
भौतिक सुख-सुविधाओं और संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। कार्यस्थल पर काम का दबाव रह सकता है, तनाव से बचें। माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनके साथ समय बिताएं। जीवनसाथी के साथ घरेलू विषयों पर सकारात्मक चर्चा होगी। छाती में जकड़न या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

🍯कुंभ
राहु आपकी राशि में होने से विचारों में स्पष्टता बनाए रखें। आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी यात्रा के योग हैं। प्रेम संबंधों में नया मोड़ आ सकता है, संवाद बेहतर रहेगा। गर्दन या कंधे में दर्द महसूस हो सकता है, पोस्चर का ध्यान रखें।

🐟मीन
शनि आपकी राशि में होने से हर काम में अनुशासन रखें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। मधुर वाणी से आप दूसरों का दिल जीतने में सफल रहेंगे। दांतों या गले से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है।

दिनाँक:-08/08/2026,शनिवार
दशमी, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——— दशमी 13:58:38 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र——– रोहिणी 16:50:17
योग————- ध्रुव 09:00:51
योग——– व्याघात 29:37:01
करण—– विष्टि भद्र 13:58:38
करण———– बव 24:33:12
वार——————— शनिवार
माह———————- श्रावण
चन्द्र राशि—– वृषभ 27:47:57
चन्द्र राशि—————– मिथुन
सूर्य राशि——————- कर्क
रितु————————- वर्षा
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर) —————–रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————- 05:47:20
दिन काल———– 13:14:43
रात्री काल———– 10:45:47
चंद्रास्त—————15:14:55
सूर्यास्त————– 19:02:03
चंद्रोदय————– 25:32:49

लग्न—-कर्क 21°16′, 111°16′

सूर्य नक्षत्र————– आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र————— रोहिणी
नक्षत्र पाया—————– लौह

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

वा—- रोहिणी 05:48:39

वी—- रोहिणी 11:20:01

वु—- रोहिणी 16:50:17

वे—- मृगशिरा 22:19:34

वो—- मृगशिरा 27:47:57

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 21°30 , आश्लेषा 2 डू
चन्द्र= वृषभ 16°30 , रोहिणी 3 वी
बुध = मिथुन 03°52 ‘ पुनर्वसु 4 ही
शु क्र= कन्या 06°05, उoफाo 4 पी
मंगल= मिथुन 03°17 मृगशिरा 3 का
गुरु= कर्क 14°33 पुष्प , 4 ड
शनि=मीन 20°30 ‘ रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°25 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 06°25 मघा 2 मी
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 09:06 – 10:45 अशुभ
यम घंटा 14:04 – 15:43 अशुभ
गुली काल 05:47 – 07:27 अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 07:33 – 08:26 अशुभ
वर्ज्यम 09:30 – 10:58 अशुभ
प्रदोष 19:02 – 21:13. शुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 05:47 07:27 अशुभ
शुभ 07:27 – 09:06 शुभ
रोग 09:06 – 10:45 अशुभ
उद्वेग 10:45 – 12:25 अशुभ
चर 12:25 – 14:04 शुभ
लाभ 14:04 – 15:43 शुभ
अमृत 15:43 – 17:23 शुभ
काल 17:23 19:02 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 19:02 – 20:23 शुभ
उद्वेग 20:23 – 21:44 अशुभ
शुभ 21:44 – 23:04 शुभ
अमृत 23:04 – 24:25* शुभ
चर 24:25* – 25:46* शुभ
रोग 25:46* – 27:06* अशुभ
काल 27:06* – 28:27* अशुभ
लाभ 28:27* – 29:48* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 05:47 -06:54
बृहस्पति 06:54 -07:59
मंगल 07:59- 09:06
सूर्य 09:06- 10:12
शुक्र 10:12 -11:18
बुध 11:18- 12:25
चन्द्र 12:25- 13:31
शनि 13:31 -14:37
बृहस्पति 14:37- 15:43
मंगल 15:43 -16:50
सूर्य 16:50 -17:56
शुक्र 17:56- 19:02

🚩होरा, रात

बुध 19:02- 19:56
चन्द्र 19:56 -20:50
शनि 20:50- 21:44
बृहस्पति 21:44 -22:37
मंगल 22:37- 23:31
सूर्य 23:31 -24:25
शुक्र 24:25-25:19
बुध 25:19-26:13
चन्द्र 26:13-27:06
शनि 27:06-28:00
बृहस्पति 28:00-28:54
मंगल 28:54-29:48

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कर्क > 04:20 से 06:30 तक
सिंह > 06:30 से 08:52 तक
कन्या > 08:52 से 11:10 तक
तुला > 11:10 से 13:16 तक
वृश्चिक > 13:16 से 15:44 तक
धनु > 15:44 से 17:48 तक
मकर > 17:48 से 19:30 तक
कुम्भ > 19:30 से 21:10 तक
मीन > 21:10 से 22:38 तक
मेष > 22:38 से 00:16 तक
वृषभ > 00:16 से 02:02 तक
मिथुन > 02:02 से 04:14 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 10 + 7 + 1 = 33 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

केतु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 13:49 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 16:50 तक

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

दुर्जनस्य च सर्पस्य वरं सर्पो न दुर्जनः ।
सर्पो दंशति काले तु दुर्जनस्तु पदे पदे ।।
।।चाoनीo।।

एक दुर्जन और एक सर्प मे यह अंतर है की साप तभी डंख मरेगा जब उसकी जान को खतरा हो लेकिन दुर्जन पग पग पर हानि पहुचने की कोशिश करेगा .

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विभूतियोग अo-10

भूय एव महाबाहो श्रृणु मे परमं वचः।
यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया॥

श्री भगवान्‌ बोले- हे महाबाहो! फिर भी मेरे परम रहस्य और प्रभावयुक्त वचन को सुन, जिसे मैं तुझे अतिशय प्रेम रखने वाले के लिए हित की इच्छा से कहूँगा

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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