- टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 2026 में इस्तीफा दिया, वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे।
- चंद्रशेखरन ने कहा कि वे अपनी अवधि बढ़ाने के लिए पुनर्नियुक्ति नहीं मांगेंगे।
- इस्तीफे के पीछे टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा के साथ समूह की भविष्य की गवर्नेंस को लेकर मतभेद।
- बोर्ड में मतभेदों और प्रतिनिधित्व को लेकर संघर्ष चला आ रहा है।
- चंद्रशेखरन ने समूह के लिए 40 वर्षों की सेवा का सम्मान जताया।
- इस्तीफे के बाद टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।
- चंद्रशेखरन ने बोर्ड से उत्तराधिकार योजना जल्द तय करने का अनुरोध किया है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12 अगस्त : टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया, हालांकि वे फरवरी 2027 तक अपनी वर्तमान अवधि पूरी करेंगे।
चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि वे अपनी पुनर्नियुक्ति नहीं मांगेंगे और बोर्ड से उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया है।
इस कदम के पीछे प्रमुख कारण टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा के साथ समूह की भविष्य की गवर्नेंस को लेकर मतभेद बताए जा रहे हैं।
माना जाता है कि नोएल टाटा ने कुछ शर्तें रखीं थीं, जिनमें टाटा संस को सार्वजनिक कंपनी न बनाने का प्रतिबद्धता भी शामिल थी, जिसे चंद्रशेखरन स्वीकार नहीं कर पाए।
इस बीच, इस्तीफे की खबर से टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज हुई। चंद्रशेखरन ने 40 वर्षों से अधिक की सेवा के दौरान समूह के लिए काम करने का सम्मान प्रकट किया। यह इस्तीफा टाटा समूह में लंबे समय से चल रहे नेतृत्व विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।