13 अगस्त दैनिक राशिफल पंचांग

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मेष
भूमि या वाहन से जुड़े अटके काम आसानी से निपटेंगे। पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में आपकी कार्यकुशलता दिखेगी। कार्यस्थल पर नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। जीवनसाथी के साथ संबंधों में भरोसा और अपनापन बढ़ेगा। खानपान पर ध्यान दें, छाती या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

🐂वृषभ
साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी, व्यापारिक फैसले सटीक साबित होंगे। छोटे भाई-बहनों और मित्रों का हर कदम पर सहयोग मिलेगा। दफ्तर में आपकी संवाद शैली की सराहना होगी। लव पार्टनर के साथ छोटी दूरी की आनंददायक यात्रा संभव है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, दिनभर ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।

👫मिथुन
आर्थिक मोर्चे पर दिन लाभदायक रहेगा, आय के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा और प्रियजनों के साथ समय बीतेगा। निवेश से जुड़े मामलों में कोई बड़ा और फायदेमंद फैसला ले सकते हैं। पार्टनर के साथ पुरानी बातों को सुलझाने के लिए सही दिन है। दांतों या गले में हल्की तकलीफ हो सकती है, खानपान का ध्यान रखें।

🦀कर्क
आपकी राशि में चंद्रमा, सूर्य, बुध और गुरु का अद्भुत संयोग रहेगा। मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। करियर में कोई बड़ी और सकारात्मक खबर मिल सकती है। दांपत्य जीवन में प्रेम और आपसी समझ की मिठास रहेगी। मानसिक रूप से पूरी तरह शांत और शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस करेंगे।

🐅सिंह
अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, बजट बनाकर चलें। विदेश या दूर स्थान से जुड़ा व्यापार करने वालों को फायदा होगा। कार्यस्थल पर विरोधी आपके खिलाफ योजना बना सकते हैं, सतर्क रहें। प्रेम जीवन में किसी भी बहस को तूल न देकर शांति से बात सुलझाएं। नींद पूरी न होने से शारीरिक सुस्ती या आंखों में थकान रह सकती है।

🙎‍♀️कन्या
आय के साधनों में वृद्धि होगी और अटका हुआ धन वापस मिलेगा। आपकी राशि में शुक्र होने से आकर्षण और कलात्मकता चरम पर रहेगी। दोस्तों के साथ मेलजोल बढ़ेगा और व्यावसायिक लाभ होगा। लव लाइफ बेहद रोमांटिक और यादगार रहने वाली है। सेहत उत्तम रहेगी, दिनभर मानसिक ताजगी बनी रहेगी।

⚖️तुला
कार्यक्षेत्र और करियर के लिहाज से दिन बेहद अनुकूल रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का पूर्ण समर्थन मिलेगा, नई जिम्मेदारी संभव है। व्यापार विस्तार की योजनाएं अब गति पकड़ने लगेंगी। जीवनसाथी आपके हर फैसले में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगा। स्वास्थ्य बढ़िया रहेगा, नियमित योग और ध्यान से लाभ मिलेगा l

🦂वृश्चिक
भाग्य का पूरा साथ मिलने से अटके हुए काम अपने आप बनने लगेंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा या लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, मन में सकारात्मक विचार बने रहेंगे।

🏹धनु
वित्तीय मामलों में थोड़ी सतर्कता बरतें, जोखिम भरे निवेश से बचें। कारोबार में अचानक आए बदलावों को समझदारी से संभालें। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। पार्टनर की भावनाओं का आदर करें, बातचीत में मधुरता रखें। खानपान पर नियंत्रण रखें, पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

🐊मकर
व्यापारिक साझेदारी से बड़ा फायदा और नए अनुबंध मिल सकते हैं। दैनिक रोजगार में वृद्धि होगी और आय के नए रास्ते खुलेंगे। ऑफिस में आपकी कार्यप्रणाली से सब प्रभावित होंगे। जीवनसाथी के साथ संबंध काफी मजबूत और सुखद रहेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, दिनचर्या को अनुशासित रखें।

🍯कुंभ
प्रतिस्पर्धियों और विरोधियों पर आपकी कूटनीतिक जीत होगी। नौकरी-पेशा लोगों के लिए दिन सफलता से भरा रहेगा। पुराने कर्जों से राहत मिलने के सकारात्मक संकेत हैं। लव पार्टनर के साथ संवाद बनाए रखें और संयम से काम लें। मौसम के प्रभाव से बचें, जोड़ों में हल्का दर्द संभव है।

🐟मीन
वक्री शनि के प्रभाव से कार्यों में निरंतरता और अनुशासन जरूरी है। विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए दिन अत्यंत फलदायी रहेगा। बौद्धिक क्षमताओं के बल पर धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। प्रेम संबंधों में नया मोड़ आएगा और आकर्षण बढ़ेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, सुबह की सैर को अपनी दिनचर्या में रखें।

दिनाँक:-13/08/2026,गुरुवार
प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——- प्रतिपदा 20:40:47 तक
पक्ष———————– शुक्लू
नक्षत्र—— आश्लेषा 06:05:32
नक्षत्र———– मघा 28:37:22
योग——– वरियान 12:14:57
करण—– किन्स्तुघ्न 09:49:49
करण———– बव 20:40:47
वार——————— गुरूवार
माह———————- श्रावण
चन्द्र राशि—— कर्क 06:05:32
चन्द्र राशि—————— सिंह
सूर्य राशि——————- कर्क
रितु————————- वर्षा
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————- रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————- 05:49:55
सूर्यास्त————- 18:57:52
दिन काल———– 13:07:57
रात्री काल———– 10:52:33
चंद्रोदय————– 06:10:38
चंद्रास्त-‐———— 19:29:43

लग्न—-कर्क 26°4′, 116°4′

सूर्य नक्षत्र————– आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र————– आश्लेषा
नक्षत्र पाया—————- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

डो—- आश्लेषा 06:05:32

मा—- मघा 11:40:50

मी—- मघा 17:17:49

मू—- मघा 22:56:38

मे—- मघा 28:37:22

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 26°30 , आश्लेषा 3 डे
चन्द्र= कर्क 29°30 , आश्लेषा 4 डो
बुध = कर्क 11°52 ‘ पुष्य 3 हो
शु क्र= कन्या 11°05, हस्त 1 पू
मंगल= मिथुन 06°17 मृगशिरा 4 की
गुरु= कर्क 15°33 पुष्प , 4 ड
शनि=मीन 20°30 ‘ रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°08 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 06°08 मघा 2 मी
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 14:02 – 15:41 अशुभ
यम घंटा 05:50 – 07:28 अशुभ
गुली काल 09:07 – 10:45 अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 10:13 – 11:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:28 – 16:20 अशुभ
वर्ज्यम 17:18 – 18:48 अशुभ
प्रदोष 18:58 – 21:10 शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 05:50 – 07:28 शुभ
रोग 07:28 – 09:07 अशुभ
उद्वेग 09:07 – 10:45 अशुभ
चर 10:45 12:24 शुभ
लाभ 12:24 – 14:02 शुभ
अमृत 14:02 – 15:41 शुभ
काल 15:41 17:19 अशुभ
शुभ 17:19 – 18:58 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 18:58 – 20:19 शुभ
चर 20:19 21:41 शुभ
रोग 21:41 – 23:03 अशुभ
काल 23:03 24:24* अशुभ
लाभ 24:24* – 25:46* शुभ
उद्वेग 25:46* – 27:07* अशुभ
शुभ 27:07* – 28:29* शुभ
अमृत 28:29* – 29:50* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 05:50- 06:56
मंगल 06:56- 08:01
सूर्य 08:01- 09:07
शुक्र 09:07 -10:13
बुध 10:13- 11:18
चन्द्र 11:18- 12:24
शनि 12:24 -13:30
बृहस्पति 13:30- 14:35
मंगल 14:35 -15:41
सूर्य 15:41 -16:47
शुक्र 16:47 -17:52
बुध 17:52- 18:58

🚩होरा, रात

चन्द्र 18:58-19:52
शनि 19:52- 20:47
बृहस्पति 20:47- 21:41
मंगल 21:41-22:35
सूर्य 22:35-23:30
शुक्र 23:30 -24:24
बुध 24:24-25:19
चन्द्र 25:19-26:13
शनि 26:13-27:07
बृहस्पति 27:07-28:02
मंगल 28:02 -28:56
सूर्य 28:56 -29:50

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कर्क > 03:58 से 06:10 तक
सिंह > 06:10 से 08:32 तक
कन्या > 08:32 से 10:50 तक
तुला > 10:50 से 12:56 तक
वृश्चिक > 12:56 से 15:24 तक
धनु > 15:24 से 17:28 तक
मकर > 17:28 से 19:10 तक
कुम्भ > 19:10 से 20:50 तक
मीन > 20:50 से 22:18 तक
मेष > 22:18 से 23:56 तक
वृषभ > 23:56 से 01:42 तक
मिथुन > 01:42 से 03:54 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

1 + 5 + 1 = 7 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

श्रावण मास में शिव वास का दोष नहीं लगता है

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*महारानी अहिल्याबाई पुण्य तिथि

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

कोकिलानां स्वरो रूपं नारीरूपं पतिव्रतम् ।
विद्यारूपं कुरूपाणांक्षमा रूपं रपस्विनाम् ।।
।।चाoनीo।।

कोयल की सुन्दरता उसके गायन मे है. एक स्त्री की सुन्दरता उसके अपने परिवार के प्रति समर्पण मे है. एक बदसूरत आदमी की सुन्दरता उसके ज्ञान मे है तथा एक तपस्वी की सुन्दरता उसकी क्षमाशीलता मे है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विभूतियोग अo-10

एतां विभूतिं योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वतः।
सोऽविकम्पेन योगेन युज्यते नात्र संशयः॥

जो पुरुष मेरी इस परमैश्वर्यरूप विभूति को और योगशक्ति को तत्त्व से जानता है (जो कुछ दृश्यमात्र संसार है वह सब भगवान की माया है और एक वासुदेव भगवान ही सर्वत्र परिपूर्ण है, यह जानना ही तत्व से जानना है), वह निश्चल भक्तियोग से युक्त हो जाता है- इसमें कुछ भी संशय नहीं है

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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