समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 19 अगस्त : मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह के पास राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मक्के की खेप में छिपाकर लाई गई 55 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 300 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह खेप पाकिस्तान स्थित एक ड्रग तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी है। प्रारंभिक जाँच में मोहम्मद हुसैन दाद गिरोह के नेटवर्क की भूमिका सामने आई है।
डीआरआई की टीम ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर कंटेनर फ्रेट स्टेशन में छापेमारी की। तलाशी के दौरान मक्के के बीच एक बैग में संदिग्ध पदार्थ मिला, जिसे मोबाइल फोरेंसिक लैब ने मेथामफेटामाइन के रूप में पुष्टि की। जब्त ड्रग्स का सूखा वजन 55 किलोग्राम है।
मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में पता चला है कि पाकिस्तान स्थित सिंडिकेट ने भारत की कुछ आयात-निर्यात कंपनियों और यूपी की एक ट्रेडिंग फर्म के माध्यम से यह खेप मंगाई थी। 22 टन मक्के की खेप की आड़ में ड्रग्स छिपाकर भेजने की कोशिश की गई।
डीआरआई अब खेप के असली स्रोत, गंतव्य, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के भारत में सक्रिय नेटवर्क और व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
सरकार की नशामुक्त भारत मुहिम के तहत ऐसी कार्रवाईयों को अहम माना जा रहा है। फिलहाल, डीआरआई ने 55 किलो मेथ जब्त कर दो लोगों को हिरासत में लिया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।