समग्र समाचार सेवा
तेहरान 20 अगस्त : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर अटैक की चेतावनी तक की बातें होने लगी हैं। हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों और तीखे राजनीतिक बयानों के चलते हालात चिंताजनक हो गए हैं। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसकी संप्रभुता पर हमला होता है, तो जवाबी कार्रवाई में न्यूक्लियर विकल्प भी खुला रखा जाएगा। वहीं, अमेरिका ने भी अपने सैन्य अड्डों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है और रणनीतिक बमवर्षक विमानों की तैनाती बढ़ा दी है।
इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी साफ दिख रहा है। कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिए गए हैं, एयरपोर्ट्स, सरकारी दफ्तरों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। आम नागरिकों में डर और असमंजस का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है और संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्दी नहीं संभले, तो खाड़ी क्षेत्र ही नहीं, पूरी दुनिया को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। न्यूक्लियर युद्ध की आशंका ने वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित किया है—तेल के दामों में तेजी और शेयर बाजार में गिरावट नजर आई है।
ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव कोई नया नहीं है, मगर इस बार दोनों तरफ से मिली-जुली चेतावनियों और सैन्य तैयारियों ने खतरे को वास्तविक बना दिया है। फिलहाल, दुनिया की निगाहें इन दोनों देशों पर टिक गई हैं कि क्या कूटनीतिक समाधान निकल पाएगा या हालात और बिगड़ेंगे।