समग्र समाचार सेवा
इस्लामाबाद, 20 अगस्त :पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया, जब नई दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने श्रीनगर में अपने दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया। यह बयान सर्गियो गोर के जम्मू-कश्मीर के पहले आधिकारिक दौरे के दौरान आया, जिसमें उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और ज्वाइंट मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “यह भारत का अहम हिस्सा है, यहां आना मेरे लिए खुशी की बात है।”
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस टिप्पणी को लेकर अमेरिकी राजनयिक को बुलाया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि गोर का बयान अस्वीकार्य है और इससे क्षेत्रीय संवेदनाओं को ठेस पहुंची है।
इससे पहले, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर भारत के दावों का विरोध किया था, खासकर अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद। अमेरिकी राजदूत ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि वाशिंगटन जम्मू-कश्मीर के लिए जारी अपने ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है।
अमेरिका ने कहा कि वह भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा सुधार के प्रयासों को देख रहा है। दोनों देशों के बीच यह कूटनीतिक विवाद उस समय हुआ है जब अमेरिका-भारत रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और पाकिस्तान अपने पारंपरिक रुख पर कायम है।
पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि ऐसे बयान कश्मीर विवाद पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।