सीएम योगी की सौगात: रसोइयों का मानदेय बढ़ा और मुफ्त इलाज
सीएम योगी की सौगात: रसोइयों का मानदेय बढ़ा, कैशलेस इलाज के साथ सतर्क रहने की हिदायत
- सीएम योगी ने प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने वाली रसोइयों का मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें कैशलेस इलाज की बड़ी सौगात दी है।
- मुख्यमंत्री ने रसोइयों को बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।
- इस ऐतिहासिक फैसले से प्रदेशभर के हज़ारों रसोइयों को आर्थिक संबल और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाली रसोइयों (कुक) के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि करने के साथ ही उन्हें आयुष्मान योजना के माध्यम से मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में रसोइयों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य सुरक्षा और बढ़ा हुआ मानदेय
सरकार के इस फैसले से परिषदीय विद्यालयों में काम करने वाली हजारों रसोइयों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। कम मानदेय पर काम करने वाली इन महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या से निपटने के लिए उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के लिए भोजन बनाते समय स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने रसोइयों को हिदायत दी कि वे बच्चों की सेहत और सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और पूरी सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। रसोईघर की साफ-सफाई और पोषण मानकों का पालन करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल
राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। जब विद्यालय से जुड़े हर वर्ग का ध्यान रखा जाएगा, तभी शिक्षा का स्तर सुधरेगा। अमर उजाला की खबरों के मुताबिक, इस पहल की ग्रामीण इलाकों में भी काफी सराहना हो रही है। इस निर्णय से न केवल रसोइयों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) वितरण व्यवस्था भी अधिक पारदर्शिता और ऊर्जा के साथ संचालित होगी।