समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 अगस्त :8वां केंद्रीय वेतन आयोग (Eighth Pay Commission) सितंबर और अक्टूबर 2026 में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण बैठकों का दौर शुरू कर रहा है। आयोग ने जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में बैठकों का शेड्यूल जारी किया है, जहां कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों को फिटमेंट फैक्टर, वेतन, भत्ते, पेंशन संशोधन, पदोन्नति और विभिन्न सेवा शर्तों पर अपने सुझाव और मांगें रखने का मौका मिलेगा।
शेड्यूल के अनुसार, जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर को, चेन्नई में 7-8 सितंबर, पुडुचेरी में 9 सितंबर, चंडीगढ़ में 16-18 सितंबर और बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर को बैठकें होंगी। बेंगलुरु बैठक में भाग लेने वाले संगठनों को 18 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन और मेमो आईडी जमा करना जरूरी है। सभी बैठकों में शामिल होने के लिए ज्ञापन जमा करना और यूनिक मेमो आईडी का होना अनिवार्य है।
इन बैठकों का उद्देश्य वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, पेंशन संशोधन, भत्तों (HRA, DA) और पदोन्नति के विषयों पर प्रत्यक्ष सुझाव एकत्र करना है। यूनियनों ने 2.86 से 3.83 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम वेतन में अच्छी-खासी वृद्धि की उम्मीद है। साथ ही, पेंशन पोर्टेबिलिटी, कार्यस्थल की स्थिति और करियर ग्रोथ से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, भले ही रिपोर्ट दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में आए। इससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी सीधे प्रभावित होंगे। नई वेतन दरें लागू होने पर कर्मचारियों को एकमुश्त एरियर का लाभ भी मिलेगा, जिससे लाखों परिवारों की आय में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।