समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1 सितंबर : केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मिली बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत की GDP ग्रोथ 7.8% के साथ वैश्विक मंच पर सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गई है। अप्रैल-जून तिमाही के ये आंकड़े सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति और आम नागरिकों के योगदान की वजह से संभव हो सके हैं।
सीतारमण ने इंस्टाग्राम वीडियो संदेश में बताया कि हाल में नॉर्थ कैरोलिना में आयोजित G20 सम्मेलन में भी भारत की आर्थिक उपलब्धियों की सराहना की गई। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 26-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8% की ग्रोथ दर्ज की है। यह विकास दर देश की मेहनती जनता और सरकार के दीर्घकालिक लक्ष्यों का परिणाम है।”
उन्होंने बताया कि इस ग्रोथ में मैन्युफैक्चरिंग में 9.2% और वित्तीय व प्रोफेशनल सेवाओं में 12.1% की वृद्धि देखने को मिली है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने भी 700 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया है। सीतारमण ने कहा, “हर पैमाना दिखाता है कि देशवासी की मेहनत रंग ला रही है, और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश 2047 के विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है।”
सरकारी डेटा के मुताबिक, इस तिमाही में भारत की वास्तविक GDP 81.36 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 75.46 लाख करोड़ थी। नाममात्र GDP 10.3% बढ़कर 88.27 लाख करोड़ हो गई। ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन में 11.9% की बढ़ोतरी हुई, जबकि कृषि क्षेत्र में 3.6% और माइनिंग में 2.4% की गिरावट दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन आंकड़ों का स्वागत करते हुए इसे ‘अद्भुत उपलब्धि’ बताया और देशवासियों की मेहनत को सराहा। उन्होंने कहा कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का यह प्रदर्शन प्रेरणादायक है। मोदी ने विपक्ष पर निराशा और झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए देश को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर भारत पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
अगली तिमाही के लिए GDP आंकड़े 30 नवंबर को जारी होंगे।