एयर इंडिया के पायलट का ड्रग्स टेस्ट आया पॉजिटिव

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के मुख्य पायलट ने किया था साइकोएक्टिव पदार्थ का सेवन।

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  • एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड मेडिकल जांच में साइकोएक्टिव पदार्थ (ड्रग्स) के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं।
  • विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे ‘गंभीर चिंता का विषय’ बताते हुए डीजीसीए से सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है।
  • इस घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की स्वैच्छिक और शत-प्रतिशत जांच शुरू कर दी है।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 सितंबर: भारतीय विमानन क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एयर इंडिया (Air India) की फुकेट से नई दिल्ली आने वाली उड़ान के मुख्य पायलट (पायलट-इन-कमांड) की मेडिकल जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी की गई एक प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान कमान संभालने वाले मुख्य पायलट का पुष्टिकरण परीक्षण (confirmatory test) साइकोएक्टिव पदार्थ (Psychoactive Substance) के उपयोग के मामले में ‘नॉन-नेगेटिव’ यानी पॉजिटिव पाया गया है। इस खुलासे के बाद से एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और चारों तरफ हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?

यह पूरा मामला कुछ समय पहले एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान (Flight AI2379) के दौरान हुई एक गंभीर घटना से जुड़ा है, जब विमान अचानक हवा में ऊंचाई खो बैठा था और तेज झटकों के कारण कई यात्री व क्रू मेंबर घायल हो गए थे। घटना के बाद सुरक्षित लैंडिंग के पश्चात नियमों के मुताबिक चालक दल के सदस्यों की मेडिकल जांच की गई। शुरुआत में ब्रीथ-एनालाइज़र परीक्षण संतोषजनक पाया गया था, लेकिन इसके बाद दोनों पायलटों के खून और अन्य सैंपल साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच के लिए पैथोलॉजिकल लैब में भेजे गए थे। मुख्य पायलट के सैंपल्स की जांच रिपोर्ट में प्रतिबंधित मादक पदार्थ (जैसे कि मारिजुआना/गांजा) के सेवन की पुष्टि हुई, जबकि सह-पायलट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

AAIB ने जताई गहरी चिंता, डीजीसीए से सख्त कार्रवाई की मांग

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया है कि विमान के कॉकपिट में मौजूद मुख्य पायलट द्वारा इस प्रकार के साइकोएक्टिव पदार्थों का सेवन किया जाना यात्रियों की जान के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ और गंभीर चिंता का विषय है। जांच एजेंसी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को अपनी अंतरिम सिफारिश में कहा है कि इस मामले में बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं। विमानन नियमों के अनुसार, सुरक्षा से समझौता करने वाले ऐसे मामलों में एयरलाइंस और नियामक संस्थाओं द्वारा कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

एयर इंडिया ने उठाया बड़ा कदम, शुरू की शत-प्रतिशत जांच

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एयर इंडिया प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करना शुरू कर दिया है। एयरलाइन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कंपनी सुरक्षा और नियामक अनुपालन के मामले में ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम करती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की स्वैच्छिक और 100 प्रतिशत जांच (Voluntary Testing) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है और इस मामले की जांच में वे अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं।

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