गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति

गुवाहाटी में आयोजित कॉलेज के 50 वर्ष पूरे होने के भव्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने की शिरकत, नए भवन का हुआ लोकार्पण।

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  • उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने गुवाहाटी स्थित गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
  • इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कॉलेज के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का उद्घाटन किया और असम के शैक्षिक विकास की सराहना की।
  • उन्होंने छात्रों को नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलाई और युवाओं को देश के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 6 सितंबर: असम के शैक्षणिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुए गीतानगर कॉलेज (पूर्व में कन्या महाविद्यालय) ने अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती समारोह (Golden Jubilee Celebrations) को अत्यंत धूमधाम के साथ मनाया गया, जिसमें देश के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ उपराष्ट्रपति ने संस्थान की पिछले पांच दशकों की लंबी शैक्षणिक यात्रा और महिलाओं को सशक्त बनाने में इसके योगदान की भूरी-भूरि प्रशंसा की। समारोह के दौरान उन्होंने कॉलेज के अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए शैक्षणिक भवन का भी आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया।

असम के शैक्षिक और सामाजिक विकास में योगदान

समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि गीतानगर कॉलेज ने पिछले पांच दशकों में कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्तर पूर्व भारत में विशेषकर युवा महिलाओं को शिक्षा, ज्ञान और आत्मविश्वास के माध्यम से सशक्त बनाने का जो बीड़ा उठाया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने महान योद्धा वीर लचित बरफुकन की वीरता और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि असम आज देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक है, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और चाय बागान समुदायों के कल्याण के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं।

युवाओं से नशे से दूर रहने और विकसित भारत का आह्वान

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने एक विशेष संदेश देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्रों और युवाओं को ‘नशे का त्याग’ करने की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने समय, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्णय लें तथा अपने मित्रों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि भारत की विशाल युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान और आधुनिक उद्यमिता के क्षेत्र में आज दुनिया भर में जो नए अवसर पैदा हो रहे हैं, उनमें हमारे युवा ‘विकसित भारत’ के निर्माण की धुरी बन सकते हैं।

राज्य की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्रबंधन समिति, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उपराष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। इस स्वर्ण जयंती समारोह ने न केवल संस्थान के पुराने गौरवशाली इतिहास को ताजा किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च शिक्षा के नए मानक स्थापित करने की प्रेरणा भी दी। इस अवसर पर राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

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