चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता को दो सप्ताह के भीतर 2 करोड़ रुपये जमा करने का दिया निर्देश, गिरफ्तारी पर रोक आगामी 5 अक्टूबर तक बढ़ाई।

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  • सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को राहत देते हुए दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का अंतिम अवसर दिया है।
  • अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक आगामी 5 अक्टूबर तक बढ़ा दी है, लेकिन उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
  • मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिनेता का पिछला आचरण अदालत में भी भरोसेमंद नहीं रहा है।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15 सितंबर: बॉलीवुड के लोकप्रिय हास्य अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चर्चित चेक बाउंस मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता को कानूनी राहत प्रदान करते हुए रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये की राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करने का अंतिम अवसर दिया है। यह पूरा कानूनी विवाद एक निजी शिकायतकर्ता और फिल्म निर्माण से जुड़े वित्तीय लेन-देन से उपजा है, जिसमें मुरादी प्रोडक्शंस (Murali Productions) का बकाया मामला शामिल है। अदालत में सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकीलों ने भरोसा दिलाया कि तय सीमा के भीतर राशि जमा कर दी जाएगी और बाकी रकम के लिए भी पूरी सुरक्षा दी जाएगी।

अदालत की सख्त टिप्पणी और कानूनी निर्देश

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अगुवाई वाली पीठ ने राजपाल यादव के पिछले रुख और आचरण पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके पूर्व के व्यवहार और वादों को देखकर आसानी से विश्वास नहीं किया जा सकता। हालांकि, मामले की गंभीरता और बचाव पक्ष के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने उन्हें दो हफ्ते का समय और दे दिया है। राहत के साथ-साथ अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि अभिनेता को अपना पासपोर्ट तुरंत सरेंडर करना होगा। इसके अलावा, उनकी गिरफ्तारी पर रोक की अवधि को भी आगामी 5 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे उन्हें तत्काल गिरफ्तारी से बड़ी राहत मिल गई है।

फिल्म निर्माण और पुराने वित्तीय विवादों का सफर

यह पूरा कानूनी प्रकरण वर्ष 2010 के दौरान एक फिल्म के निर्माण के सिलसिले में लिए गए वित्तीय ऋण और चेक बाउंस होने की शिकायतों से जुड़ा हुआ है। निचली अदालतों से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट तक इस मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया चली है, जहां पूर्व में सजा और जुर्माने के आदेश दिए गए थे। अभिनेता के पक्षकारों का कहना है कि वे इस मामले का स्थायी और कानूनी समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सर्वोच्च अदालत के इस नए आदेश के बाद अब सबकी नजरें आगामी 5 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आगे की कानूनी दिशा क्या होगी।

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