Vantara और ब्राजील के बीच संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण पर ‘रणनीतिक सहयोग’ की बातचीत
FOIA दस्तावेजों से खुलासा
समग्र समाचार सेवा
जामनगर ,गुजरात,2 अक्टूबर : भारत के अरबपति अनंत अंबानी द्वारा संचालित निजी चिड़ियाघर Vantara ने ब्राजील के अधिकारियों के साथ देश की संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण को लेकर एक ‘रणनीतिक संरक्षण साझेदारी’ बनाने पर बातचीत की थी। यह जानकारी ब्राजील के सूचना के अधिकार कानून (FOIA) के तहत प्राप्त दस्तावेजों से सामने आई है।
दस्तावेजों के अनुसार, Vantara ने ब्राजील की संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में सहयोग की पेशकश की थी। इनमें Spix’s macaw नाम का एक दुर्लभ तोता भी शामिल है, जो ब्राजील की स्थानिक प्रजाति है और वर्तमान में जंगलों में विलुप्त मानी जाती है।
2025 में शुरू हुई बातचीत
Vantara के प्रतिनिधियों और ब्राजील के अधिकारियों के बीच बातचीत अगस्त 2025 में शुरू हुई। 30 अगस्त 2025 को Vantara की ओर से ब्राजील की जैव विविधता संरक्षण एजेंसी Chico Mendes Institute for Biodiversity Conservation (ICMBio) के अधिकारियों को एक पत्र भेजा गया था।
पत्र में Vantara ने ब्राजील सरकार के साथ ‘Strategic Conservation Partnership’ का प्रस्ताव रखा था। पत्र में कहा गया कि Vantara के पास आधुनिक बुनियादी ढांचा, तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक संरक्षण नेटवर्क हैं, जिनका उपयोग ब्राजील की उन प्रजातियों के संरक्षण में किया जा सकता है जिन्हें तत्काल ex-situ conservation की आवश्यकता है।
Vantara ने ब्राजील के अधिकारियों को गुजरात के जामनगर स्थित अपने लगभग 1,400 हेक्टेयर परिसर का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया था।
Spix’s macaw को लेकर विशेष सहयोग का प्रस्ताव
23 अक्टूबर 2025 को Vantara की ओर से ICMBio को एक दूसरा पत्र भेजा गया, जिसमें विशेष रूप से Spix’s macaw के संरक्षण के लिए सहयोग का प्रस्ताव रखा गया।
प्रस्ताव के तहत Vantara ने भारत में मौजूद Spix’s macaw के प्रजनन, पशु चिकित्सा देखभाल और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेने की बात कही। पत्र में यह भी कहा गया कि इन पक्षियों को भविष्य में ब्राजील में उनके प्राकृतिक आवास में वैज्ञानिक और समन्वित प्रक्रिया के तहत दोबारा छोड़ा जा सकता है।
Vantara ने इस सहयोग को भारत और ब्राजील के बीच जैव विविधता संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय उदाहरण बनाने की संभावना भी व्यक्त की।
2023 में 26 Spix’s macaw भारत लाए गए थे
Spix’s macaw के मामले में भारत और ब्राजील के बीच पहले से ही विवाद रहा है। 2023 में जर्मनी स्थित Association for the Conservation of Threatened Parrots (ACTP) से 26 Spix’s macaw Vantara लाए गए थे।
ब्राजील के अधिकारियों ने इस स्थानांतरण पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि ये पक्षी ब्राजील के संरक्षण और पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़े थे। ब्राजील के अधिकारियों की सहमति के बिना पक्षियों को भारत भेजे जाने को लेकर सवाल उठे थे।
2024 में ब्राजील ने इसी स्थानांतरण के बाद ACTP के साथ अपनी साझेदारी समाप्त कर दी थी।
ब्राजील Spix’s macaw को जंगल में दोबारा बसाने के लिए लंबे समय से संरक्षण कार्यक्रम चला रहा है। यह पक्षी 2019 में जंगलों में विलुप्त घोषित किया गया था, हालांकि दुनिया के विभिन्न प्रजनन केंद्रों में 300 से अधिक पक्षी मौजूद बताए जाते हैं।
ब्राजील ने Vantara से पक्षियों की जानकारी मांगी
दिसंबर 2025 में ICMBio के अध्यक्ष माउरो पायरेस ने Vantara को ब्राजील के Spix’s macaw प्रबंधन कार्यक्रम में औपचारिक रूप से शामिल होने का सुझाव दिया।
हालांकि, उन्होंने यह भी चिंता जताई कि Vantara के पास मौजूद 26 पक्षियों के स्वास्थ्य, प्रबंधन और व्यक्तिगत स्थिति से संबंधित पर्याप्त जानकारी पहले साझा नहीं की गई थी। उन्होंने इन जानकारियों को संरक्षण कार्यक्रम के रणनीतिक निर्णयों के लिए आवश्यक बताया।
इसके बाद दिसंबर 2025 में Vantara ने कहा कि वह ब्राजील के प्रजनन कार्यक्रम में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार करेगी।
मार्च 2026 में Vantara ने ICMBio को अपने पास मौजूद Spix’s macaw की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट भेजी। इसमें पक्षियों का लिंग, माइक्रोचिप पहचान संख्या, जन्म वर्ष, स्वास्थ्य और संक्रामक रोगों से संबंधित परीक्षण परिणाम शामिल थे। Vantara ने कुछ पक्षियों, अपनी प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की तस्वीरें भी साझा कीं।
ब्राजील के अधिकारियों का जामनगर दौरा रद्द
बातचीत के दौरान ब्राजील के पर्यावरण अधिकारियों का मार्च 2026 में जामनगर स्थित Vantara का दौरा प्रस्तावित था। हालांकि, यात्रा से कुछ दिन पहले ICMBio ने इसे ‘अप्रत्याशित परिस्थितियों’ के कारण स्थगित कर दिया।
मई 2026 में ICMBio ने कहा कि Spix’s macaw संरक्षण कार्यक्रम में Vantara की संभावित भूमिका पर बातचीत जारी है और भविष्य में होने वाला कोई समझौता भारत और ब्राजील की सरकारों के बीच होगा।
हालांकि, भारत में Vantara और ब्राजील के अधिकारियों के बीच इस बातचीत को लेकर भारतीय सरकार की जानकारी के संबंध में Mongabay के सवालों का संबंधित भारतीय एजेंसियों की ओर से प्रकाशन तक जवाब नहीं मिला था।
वन्यजीव व्यापार से जुड़े आरोपों के बीच बातचीत
Vantara को लेकर पहले भी कुछ वन्यजीव स्थानांतरणों और आयातों पर सवाल उठते रहे हैं। सितंबर 2025 में CITES सचिवालय के निरीक्षण के बाद भारत को कुछ वन्यजीव आयात परमिट जारी न करने की सिफारिश की गई थी, जिसमें कुछ आयात और निर्यात आंकड़ों में विसंगतियों का हवाला दिया गया था।
हालांकि, नवंबर 2025 में उज्बेकिस्तान में हुई CITES बैठक में इस सिफारिश को स्वीकार नहीं किया गया।
अगस्त 2026 में Vantara ने 12 महीने के लिए सभी पशु आयातों पर स्वैच्छिक रोक की घोषणा की थी। संस्था ने कहा था कि इस अवधि में वह अपनी आंतरिक शासन व्यवस्था और जांच-पड़ताल की प्रक्रियाओं को मजबूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय मान्यता और मानकों पर काम करेगी।
संरक्षण समूहों ने पारदर्शिता की मांग की
ब्राजील के वन्यजीव संरक्षण संगठनों ने संभावित साझेदारी को लेकर पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया है।
दक्षिण अमेरिकी वन्यजीव तस्करी निगरानी संस्था Freeland Brasil की कार्यकारी निदेशक जुलियाना मचाडो फरेरा ने कहा कि विभिन्न देशों में Vantara से जुड़े वन्यजीवों को लेकर उठी चिंताओं को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संभावित सहयोग की शर्तें स्पष्ट होनी चाहिए, विशेष रूप से Spix’s macaw के पूर्व स्थानांतरण और संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े विवादों की पृष्ठभूमि में।
ब्राजील में Vantara से जुड़े एक अन्य मामले में मई 2026 में ब्राजील की संघीय पुलिस ने पक्षी विशेषज्ञ टोनी सिल्वा के तीन मोबाइल फोन और एक कंप्यूटर जब्त किया था। यह कार्रवाई ब्राजील की संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियों की कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी की जांच का हिस्सा बताई गई थी।
Vantara ने उस मामले में किसी गलत काम से इनकार किया था और कहा था कि सिल्वा सीमित परामर्श के लिए एक स्वतंत्र ठेकेदार के रूप में उससे जुड़े थे। मामले की जांच जारी है।
इस बीच, ब्राजील और Vantara के बीच Spix’s macaw सहित संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण को लेकर संभावित सहयोग पर बातचीत जारी है। हालांकि, किसी अंतिम समझौते की स्थिति स्पष्ट नहीं है और दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित सहयोग की अंतिम शर्तें सार्वजनिक नहीं हुई हैं।