जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की CWC कार्यालयों की समीक्षा
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने केंद्रीय जल आयोग के क्षेत्रीय कार्यालयों की गतिविधियों और कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
- CWC कार्यालयों की विस्तृत समीक्षा: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने क्षेत्रीय कार्यालयों के कामकाज की समीक्षा की।
- आधुनिक तकनीक पर जोर: कार्यप्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी पर बल दिया गया।
- समयबद्ध निष्पादन के निर्देश: अधिकारियों को कार्य प्रक्रियाओं के सरलीकरण और समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए गए।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 अक्तूबर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल ने आज केंद्रीय जल आयोग (CWC – Central Water Commission) के क्षेत्रीय कार्यालयों के कामकाज और उनके द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की एक उच्चस्तरीय और विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश भर में जल संसाधनों के उचित प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, नदियों के जलस्तर की वास्तविक समय पर निगरानी, तथा जल सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति का गहन विश्लेषण किया गया।

तकनीक आधारित निगरानी और पारदर्शिता पर बल
समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने क्षेत्रीय कार्यालयों की दिन-प्रतिदिन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल प्रबंधन, डेटा संग्रहण और बाढ़ पूर्वानुमान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए।
मंत्री जी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग से न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण संभव है, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता, सटीकता और उनकी समयबद्ध निगरानी को भी सुनिश्चित किया जा सकता है। इससे जल संसाधनों के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता का स्तर बढ़ेगा, जो आम जनता को समय पर राहत और बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक है।
पीएम मोदी के विजन के अनुरूप संस्थागत सुधार
श्री सी आर पाटिल ने बैठक में रेखांकित किया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदीजी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार जल संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य लक्ष्य जल संसाधन प्रबंधन से जुड़ी सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संस्थाओं को आधुनिक तकनीकों से लैस कर अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से उन्नत और प्रभावी बनाना है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बेहतर और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए आधुनिक डिजिटल टूल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को तत्काल प्रभाव से अपनाएं। इससे देश के कोने-कोने तक जल सुरक्षा और टिकाऊ विकास के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
क्षेत्रीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली में आएगा बदलाव
केंद्रीय जल आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय देश के अलग-अलग हिस्सों में नदियों के जल स्तर, बांधों की स्थिति, और जल वितरण प्रणालियों पर नजर रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा दिए गए नए दिशा-निर्देशों के बाद अब इन कार्यालयों के कामकाज में डेटा-संचालित (Data-Driven) दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक के अंत में मंत्री जी ने दोहराया कि कार्यों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करना अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।