अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर विहिप ने दोहराया सेवा का संकल्प
हिमाचल प्रदेश में जन्म शताब्दी वर्ष के तहत कार्यक्रम, राज्यपाल कविंदर गुप्ता समेत विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी हुए शामिल।
- विहिप ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर हिमाचल में कार्यक्रम आयोजित किया।
- राष्ट्रसेवा और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
- राज्यपाल कविंदर गुप्ता सहित विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
- संगठन ने अशोक सिंघल के आदर्शों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
समग्र समाचार सेवा
शिमला | 21 अक्टूबर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अपने दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिमाचल प्रदेश में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उनके जीवन, राष्ट्रसेवा और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण को याद किया गया। संगठन ने उनके विचारों और सनातन मूल्यों से जुड़ी विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, विहिप के महासचिव बजरंग बगड़ा और इंद्रप्रस्थ क्षेत्र के संगठन मंत्री नीरज डोनरिया शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अशोक सिंघल के जीवन से जुड़े आदर्शों और सांस्कृतिक व राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके योगदान को लोगों तक पहुंचाना था।
विहिप ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन अशोक सिंघल के विचारों और उनके योगदान को याद करने का अवसर हैं। संगठन ने इस पहल के लिए #100YearsOfAshokJi हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।
अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने कई दशकों तक संगठन के कार्यों में अहम भूमिका निभाई। जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के जरिए उनके सार्वजनिक जीवन, सांस्कृतिक योगदान और विचारों को फिर से याद किया जा रहा है।