फारूक अब्दुल्ला के पाक-परस्त बयान पर विहिप का तीखा हमला
पाकिस्तान को कश्मीरियों का रक्षक बताने वाले फारूक अब्दुल्ला के बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने मांगी माफी, देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग।
- फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान समर्थक बयान पर वीएचपी ने कड़ी आपत्ति जताई।
- विनोद बंसल ने कहा, ‘खाना भारत का और गुणगान पाकिस्तान का… अब नहीं चलेगा।’
- बयान के लिए देश से माफी मांगने या कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठी।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 अक्तूबर: जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में दिए गए एक विवादास्पद बयान के बाद देश भर में भारी आक्रोश फैल गया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा रुख अपनाते हुए फारूक अब्दुल्ला के बयान को भारत के साथ खुली गद्दारी और देशद्रोह की पराकाष्ठा करार दिया है। विहिप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसे भारत-विरोधी बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘खाना भारत का और गुणगान पापी पाकिस्तान का, अब नहीं चलेगा’
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए एक तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आज जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में दिया गया बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और घोर निंदनीय है। खाना भारत का और गुणगान पापी पाकिस्तान का… अब यह नहीं चलेगा।”
श्री बंसल ने कहा कि यह बयान स्पष्ट रूप से भारत के साथ गद्दारी है। यह किसी से छिपा नहीं है कि किस प्रकार पाकिस्तान लगातार भारत पर आतंकी हमले करता रहा है, सीमा पार से आतंकवाद को निरंतर बढ़ावा देता रहा है और जम्मू-कश्मीर की शांति व सुरक्षा को भंग करने की नापाक कोशिशें करता रहा है। ऐसे पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बताकर आखिर फारूक अब्दुल्ला अपनी किस मानसिक विकृति और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता को दर्शाना चाहते हैं?
अनुच्छेद 370 हटने के बाद आए सकारात्मक बदलावों का किया जिक्र
विहिप प्रवक्ता ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या फारूक अब्दुल्ला यह भूल गए हैं कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35A के प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद किस प्रकार आतंकी घुसपैठ पर लगाम लगी है और संपूर्ण राज्य में विकास, शांति व भाईचारे की बयार चली है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आतंकवाद और पड़ोसी देश के प्रति अपनाई गई सख्त नीति के परिणामस्वरूप ही आज जम्मू-कश्मीर के युवाओं को एक सुरक्षित, खुशहाल और प्रगतिशील वातावरण मिला है। ऐसे समय में पाकिस्तान की झूठी प्रशंसा करना और उसकी भूमिका को कश्मीरियों के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना अत्यंत आपत्तिजनक है तथा देश की संप्रभुता पर सीधा प्रहार है।
देश से तत्काल माफी मांगने की मांग, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद ने मांग की है कि फारूक अब्दुल्ला को अपने इस देश-विरोधी बयान के लिए देश की जनता से तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध देशद्रोह (Sedition) अथवा अन्य सुसंगत और लागू होने वाले कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री बंसल ने दो टूक कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य के नेतृत्व से भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि यह देश को बताना होगा कि वे देश के साथ खड़े हैं या पाकिस्तान के प्रति नरम रुख रखने वाले ऐसे तत्वों के साथ।
कश्मीरी युवाओं को दिग्भ्रमित करने का षड्यंत्र
विहिप ने यह भी आशंका जताई है कि इस तरह के बयानों के पीछे कोई गहरा राजनीतिक षड्यंत्र हो सकता है। यह देखा जाना चाहिए कि क्या फारूक अब्दुल्ला ऐसे भड़काऊ बयानों के माध्यम से एक बार फिर कश्मीरी युवाओं को दिग्भ्रमित करने और राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास तो नहीं कर रहे हैं। देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्तर पर राष्ट्र की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बयानों को सहन नहीं किया जाएगा।