🐏मेष
आपकी ऊर्जा और प्रयास सफलता दिलाएंगे। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। वित्तीय मामलों में स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत उत्तम रहेगी, ताजगी महसूस करेंगे। भगवान विष्णु को चने की दाल अर्पित करें।
🐂वृषभ
कार्यस्थल पर शांतिपूर्वक काम निपटाएं। व्यापारिक निर्णयों में धैर्य रखें। पारिवारिक जीवन में तालमेल रहेगा। अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाएं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, आराम करें। केले के पेड़ का पूजन करें।
👫मिथुन
करियर में तरक्की के नए अवसर मिलेंगे। समझदारी से लिया फैसला लाभ देगा। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। आय में सुधार की संभावना है। मानसिक रूप से ऊर्जावान रहेंगे। माथे पर केसर का तिलक लगाएं।
🦀कर्क
सहकर्मियों का साथ काम आसान करेगा। व्यापारिक यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा। धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी, योग-ध्यान करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
🐅सिंह
करियर में प्रतिभा का सम्मान होगा। व्यापार में नए सौदे लाभ पहुंचाएंगे। प्रेम संबंधों में नया उत्साह दिखेगा। आर्थिक स्थिति काफी मजबूत रहेगी। सेहत बहुत अच्छी रहेगी, स्फूर्ति रहेगी। सूर्य देव को अर्घ्य दें।
🙎♀️कन्या
कार्यस्थल पर सजगता बनाए रखें। व्यापार में हड़बड़ी से बचें। बड़ों का मार्गदर्शन लाभ देगा। बजट का संतुलन बनाए रखें। मानसिक थकान से बचें, विश्राम करें। बुजुर्गों के चरण स्पर्श करें।
⚖️तुला
प्रभाव और दायरा बढ़ सकता है। रणनीतियां सफल होंगी, लाभ होगा। परिवार में सौहार्द और खुशहाली रहेगी। वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है। सेहत अच्छी रहेगी, ऊर्जावान रहेंगे। मंदिर में चने की दाल का दान करें।
🦂वृश्चिक
विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी। व्यापार में मुनाफा बढ़ने की संभावना है। परिवार का समर्थन हिम्मत बढ़ाएगा। अचानक धन प्राप्ति के योग हैं। तनाव से बचें, सेहत ठीक रहेगी। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप करें।
🏹धनु
रचनात्मक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी। व्यापार में नए निवेश का मन बना सकते हैं। संतान पक्ष से खुशी का समाचार मिलेगा। आय में वृद्धि होने के स्पष्ट संकेत हैं। ताजगी और स्फूर्ति बनी रहेगी। पीले वस्त्र धारण करें।
🐊मकर
कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ सकती है। लिखा-पढ़ी में सावधानी रखें। परिवार में मिलकर समस्याओं को सुलझाएं। अनचाहे खर्चों पर लगाम लगाएं। थकावट महसूस हो सकती है, विश्राम करें। पीपल में जल चढ़ाएं।
🍯कुंभ
बुद्धिमानी से सभी काम समय पर बनेंगे। व्यापार में नए सौदों पर मुहर लगेगी। प्रियजनों के साथ समय खुशनुमा बीतेगा। वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती रहेगी। पीली वस्तुएं दान करें।
🐟मीन
आपकी सलाह को दफ्तर में माना जाएगा। व्यापार में लाभ के मौके मिलेंगे। परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा होगी। धन संचय करने के प्रयास सफल रहेंगे। मानसिक शांति मिलेगी, सेहत अच्छी रहेगी। विष्णु मंदिर में गुड़-चना चढ़ाएं।
दिनाँक:-30/10/2026,शुक्रवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष,
कार्तिक
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——– पंचमी 19:24:15. तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र——- मृगशिरा 09:03:31
योग———— शिव 20:40:40
करण——– कौलव 08:45:00
करण——— तैतुल 19:24:15
करण———— गर 30:07:56
वार——————— शुक्रवार
माह——————– कार्तिक
चन्द्र राशि—————– मिथुन
सूर्य राशि——————- तुला
ऋतु———————– हेमंत
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————- रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1940
कलि संवत————— 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:29:29
सूर्यास्त————– 17:35:48
चंद्रास्त————– 10:57:30
चंद्रोदय————– 21:18:54
लग्न—- तुला12°23′,192°23′
सूर्य नक्षत्र—————– स्वाति
चन्द्र नक्षत्र————– मृगशिरा
नक्षत्र पाया—————– लौह
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
की—- मृगशिरा 09:03:31
कु—- आर्द्रा 14:33:47
घ—- आर्द्रा 20:05:05
ङ—- आर्द्रा 25:37:30
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= तुला 12°30 , स्वाति 2 रे
चन्द्र= वृषभ 05°30 , कृतिका , 4 की
बुध = तुला 24°52 ‘ विशाखा 2 तू
शु क्र= तुला 03°05, चित्रा 3 रा
मंगल= कर्क 23°17 आश्लेषा 3 डे
गुरु= कर्क 29°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 15°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°01 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°01 मघा 1 मा
============================
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 10:39 – 12:03 अशुभ
यम घंटा 14:49 – 16:13 अशुभ
गुली काल 07:53 – 09:16 अशुभ
अभिजित 11:40 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:43 – 09:27 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:25 – 13:09 अशुभ
वर्ज्यम 16:48 – 18:17 अशुभ
प्रदोष 17:36 – 20:13. शुभ
🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:47* – 29:39* शुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 06:29 – 07:53 शुभ
लाभ 07:53 – 09:16 शुभ
अमृत 09:16 – 10:39 शुभ
काल 10:39 12:03 अशुभ
शुभ 12:03 13:26 शुभ
रोग 13:26 – 14:49 अशुभ
उद्वेग 14:49 – 16:13 अशुभ
चर 16:13 17:36 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 17:36 – 19:13 अशुभ
काल 19:13 20:49 अशुभ
लाभ 20:49 – 22:26 शुभ
उद्वेग 22:26 – 24:03* अशुभ
शुभ 24:03* – 25:40* शुभ
अमृत 25:40* – 27:17* शुभ
चर 27:17* – 28:53* शुभ
रोग 28:53* – 30:30* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 06:29- 07:25
बुध 07:25 -08:21
चन्द्र 08:21- 09:16
शनि 09:16- 10:12
बृहस्पति 10:12- 11:07
मंगल 11:07 -12:03
सूर्य12:03- 12:58
शुक्र 12:58 -13:54
बुध 13:54- 14:49
चन्द्र 14:49 15:45
शनि 15:45- 16:40
बृहस्पति 16:40 -17:36
🚩होरा, रात
मंगल 17:36 -18:40
सूर्य 18:40 -19:45
शुक्र 19:45- 20:49
बुध 20:49- 21:54
चन्द्र 21:54 -22:58
शनि 22:58- 24:03
बृहस्पति 24:03-25:08
मंगल 25:08- 26:12
सूर्य 26:12-27:17
शुक्र 27:17-28:21
बुध 28:21-29:26
चन्द्र 29:26-30:30
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
तुला > 05:44 से 07:52 तक
वृश्चिक > 07:52 से 10:20 तक
धनु > 10:20 से 12:12 तक
मकर > 12:12 से 14:06 तक
कुम्भ > 14:06 से 15:42 तक
मीन > 15:42 से 17:38 तक
मेष > 17:38 से 17:48 तक
वृषभ > 17:48 से 20:38 तक
मिथुन > 20:38 से 22:50 तक
कर्क > 22:50 से 01:04 तक
सिंह > 01:04 से 03:28 तक
कन्या > 03:28 से 05:38 तक
=======================
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 5 + 6 + 1 = 27 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:
श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।
20 + 20 + 5 = 45 ÷ 7 = 3 शेष
वृषाभारूढ = शुभ कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
* सिंहे गुरु
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दानुगामिनी ।
विभवे यश्च सन्तुष्टस्तस्य स्वर्ग इहैव हि ।।
।।चाoनीo।।
३. उस व्यक्ति ने धरती पर ही स्वर्ग को पा लिया :
१. जिसका पुत्र आज्ञांकारी है,
२. जिसकी पत्नी उसकी इच्छा के अनुरूप व्यव्हार करती है,
३. जिसे अपने धन पर संतोष है।
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
नाहं वेदैर्न तपसा न दानेन न चेज्यया।
शक्य एवं विधो द्रष्टुं दृष्ट्वानसि मां यथा॥
जिस प्रकार तुमने मुझको देखा है- इस प्रकार चतुर्भुज रूप वाला मैं न वेदों से, न तप से, न दान से और न यज्ञ से ही देखा जा सकता हूँ