रुपाली गांगुली की AI तस्वीरों पर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख

फेमस टीवी एक्ट्रेस रुपाली गांगुली की अशुद्ध और डीपफेक AI तस्वीरों के वायरल होने पर चिंता, अभिनेत्री ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • रुपाली गांगुली की आपत्तिजनक AI तस्वीरें हो रही हैं वायरल।
  • परेशान अभिनेत्री ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका की दाखिल।
  • साइबर सुरक्षा और सेलेब्रिटी राइट्स को लेकर उठे बड़े सवाल।

समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 03 नवंबर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक (Deepfake) तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग ने अब मनोरंजन जगत की मशहूर हस्तियों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘अनुपमा’ की मुख्य अभिनेत्री और घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली रुपाली गांगुली (Rupali Ganguly) इन दिनों गंभीर मानसिक प्रताड़ना और साइबर अपराध का शिकार हुई हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करके कई आपत्तिजनक और अश्लील (Obscene) AI-जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो धड़ल्ले से वायरल किए जा रहे हैं।

इस गंभीर मामले से गहरे आहत और परेशान होकर अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने कानूनी सहायता लेते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर इस प्रकार की अवांछित सामग्रियों को तुरंत हटाने और सोशल मीडिया से इन्हें ब्लॉक करने की सख्त मांग की है।

डीपफेक और AI तकनीक का बढ़ता काला साया

पिछले कुछ समय से सेलिब्रिटीज, राजनेताओं और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरों और आवाजों का गलत इस्तेमाल करके डीपफेक वीडियो और तस्वीरें बनाने के मामले तेजी से बढ़े हैं। रुपाली गांगुली का मामला इस बात का एक और ताजा और भयावह उदाहरण है कि कैसे तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति की गरिमा और निजता (Privacy) को ठेس पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

अभिनेत्री के करीबी सूत्रों के अनुसार, जब इस तरह की फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरें उनके और उनके परिवार के संज्ञान में आईं, तो वे बेहद आहत हुईं। बिना उनकी सहमति के इस प्रकार की मॉर्फ्ड और एआई-जनरेटेड सामग्री को इंटरनेट पर प्रसारित करना न केवल उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) का हनन है, बल्कि यह एक गंभीर साइबर अपराध भी है।

कानूनी कार्रवाई और सेलिब्रिटी राइट्स पर बहस

रुपाली गांगुली की ओर से दायर याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अदालतें अब सख्त रुख अपना रही हैं। हाल ही में कई अन्य फिल्मी कलाकारों ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए अदालतों से स्टे ऑर्डर हासिल किए हैं।

इस याचिका के जरिए अभिनेत्री की कानूनी टीम सोशल मीडिया कंपनियों, सर्च इंजन और उन वेबसाइट्स पर लगाम लगाने की मांग कर रही है जो इस तरह की अश्लील और भ्रामक सामग्रियों को होस्ट कर रही हैं या बिना रोक-टोक के प्रसारित होने दे रही हैं। आईटी एक्ट (IT Act) और साइबर कानूनों के तहत ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में किसी अन्य कलाकार को इस तरह की मानसिक पीड़ा न झेलनी पड़े।

निष्कर्ष

रुपाली गांगुली द्वारा उठाया गया यह कदम डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए एक अहम लड़ाई है। यह घटना समाज और तकनीक के इस्तेमाल पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि कैसे सोशल मीडिया के इस दौर में नियम-कानूनों को और अधिक सख्त बनाने की आवश्यकता है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.