गृह मंत्रालय ने जारी की कोरोना की नई गाइडलाइंस, जानें 31 दिसंबर तक के नियम

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25नवंबर।
कोरोना के एक बार फिर से बढ़ते मामलों के बीच जंग तेज करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक की नई गाइडलाइन जारी की है। गृह मंत्रालय के ताजा दिशा-निर्देश के मुताबिक, राज्यों को कड़ाई से संक्रमण के रोकथाम उपायों को लागू करने, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कहा गया है।

गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर निगरानी, ​​नियंत्रण और सावधानी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ाई से कोरोना वायरस के रोकथाम के उपाय, विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य उपाय करने का निर्देश दिया है।

गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट जोन्स में सभी एहतियातों के पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासनों की होगी। कंटेनमेंट जोन्स की सूची को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों और संबंधित राज्यों की वेबसाइटों पर प्रकाशित करना होगा। कंटेनमेंट जोन्स के लिए बनाए गए नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस, निगम और जिला प्रशासन की होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इस बारे में अफसरों की जवाबदेही तय करेंगी।

नई गाइडलाइंस में भी सिनेमा हॉल्स, थिअटर्स, स्विमिंग पूल्स आदि को लेकर पाबंदियां जारी हैं। सिनेमा हॉल अभी भी 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ चलेंगे। स्विमिंग पूल्स का इस्तेमाल सिर्फ स्पोर्ट्स पर्सन्स की ट्रेनिंग के लिए हो सकेगा। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी तरह के कार्यक्रम चाहे वे धार्मिक हों, सामाजिक हों, खेल से हों, मनोरंजन या शैक्षणिक हों, उसमें 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते। हां, अगर राज्य सरकारें चाहें तो इस संख्या को 100 या उससे भी कम पर सीमित कर सकते हैं।

राज्यों को अपने यहां के हालात के हिसाब से नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले लेने की छूट है। जिन शहरों में साप्ताहिक केस पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से ऊपर रहेगी, वहां दफ्तरों, फैक्ट्रियों, दुकानों आदि में वर्किंग ऑवर अलग-अलग समय पर करने की सलाह दी गई है ताकि एक ही समय में बहुत ज्यादा इम्प्लॉयी न आएं।

एक राज्य से दूसरे राज्य या किसी राज्य के ही भीतर लोगों और सामानों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं रहेगी। आवाजाही के लिए अलग से किसी भी तरह के परमिट/ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी।

ज्यादा जोखिम वाले लोगों जैसे 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों, पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। जब तक बहुत ही ज्यादा जरूरी न हो, उन्हें बाहर निकलने से बचना चाहिए।

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