समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30नवंबर।
कोरोना संकट के मद्देनजर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Filing) करने का समय 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि, टैक्स बचाने के चक्कर में की गई एक छोटी सी गलती का खामियाजा आपके पेरेंट्स को भुगतना पड़ सकता है। आपकी एक गलती की वजह से टैक्स डिपार्टमेंट आपके पेरेंट्स को इनकम टैक्स नोटिस भी जारी कर सकता है। इससे बचने के लिए अपने पेरेंट्स का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
खबर के मुताबिक इनकम टैक्स एक्ट (IT Act) के सेक्शन-10 (13A) के तहत कुछ सीमाओं के तहत एचआरए पर टैक्स छूट (Tax Exemption) ली जा सकती है। एचआरए के तहत मिलने वाली रकम पर टैक्स छूट का दावा वही नौकरीपेशा व्यक्ति कर सकता है, जिसकी सैलरी में हाउस रेंट अलाउंस शामिल हो और वह किराये के मकान में रहता हो। वेतनभोगी करदाता को हर साल कंपनी की ओर से बताए गए समय के भीतर रेंट रिसीट देनी होती है। ऐसे में अगर आप कंपनी को अभी तक किराये की रसीद नहीं दे पाए हैं तो आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय अपनी टैक्स लायबिलिटी कम कर सकते हैं।
टैक्स बचाने के लिए अपने माता-पिता के घर में रहने वाले नौकरीपेशा भी किराये की रसीद लगाकर एचआरए में टैक्स छूट का फायदा ले लेते हैं। आयकर कानून के तहत अगर कोई नौकरीपेशा टैक्सपेयर अपने माता-पिता के घर (Parents’ House) में रहता है तो किराये के भुगतान के लिए एचआरए पर टैक्स छूट का फायदा ले सकता है।