आईआईटी-दिल्ली में दो छात्रों की मौत मामलें में कोर्ट ने जाति-आधारित अत्याचारों की जांच का दिया आदेश

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एससी/एसटी समुदाय के दो आईआईटी-दिल्ली छात्रों की आत्महत्या से हुई मौत के मामले में की गई कार्रवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. 1 सितंबर को, बीटेक छात्र और यूपी के बांदा जिले के निवासी अनिल कुमार (21) संस्थान में अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे. कुमार का 2019 में आईआईटी में दाखिला हुआ था.

संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने स्नातक होने के लिए आवश्यक क्रेडिट को पूरा नहीं किया, जिसके कारण वो दबाव में आ गए होंगे. उन्हें एक्सटेंशन दिया गया था. इससे पहले जुलाई में बीटेक छात्र आयुष आशना अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया था.

याचिकाकर्ता ने अदालत से FIR दर्ज करने के लिए आदेश देने की मांग की थी. इस पर हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर के आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता (अमित और आयुष के परिवार) उचित रिट, आदेश या निर्देश चाहते हैं, जिसमें परमादेश की प्रकृति की रिट भी शामिल है, जिससे पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया जा सके कि वे संबंधित मामलों में उचित एफआईआर दर्ज करें.

अदालत ने कहा है कि रिपोर्ट सुनवाई की अगली तारीख 19 अक्टूबर से पहले दाखिल की जाए. अदालत ने पुलिस से आगे कहा कि परिसर में किए जा रहे जाति-आधारित अत्याचारों की गहन, निष्पक्ष जांच करें.

आईआईटी-दिल्ली के अधिकारियों ने कहा था कि मार्च में इसकी स्थापना के बाद से एससी/एसटी सेल को छात्रों से कोई शिकायत नहीं मिली है. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामलों में विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा. यह प्रक्रिया जांच कार्यवाही का हिस्सा है.

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