समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,10 अक्टूबर। हाल ही में संत प्रेमानंद के अनुयायियों ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने साधु संतों को दक्षिणा देने की बात को स्वीकार किया, लेकिन भीड़ जुटाने के लिए पैसे बांटने के आरोप को पूरी तरह गलत ठहराया है। इस मामले ने न केवल संत प्रेमानंद के अनुयायियों को बल्कि उनके समर्थकों को भी सक्रिय कर दिया है, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील बन गई है।