- TVK ने 107 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंकाया
- बहुमत से 11 सीट कम, सरकार गठन के लिए समर्थन की जरूरत
- कांग्रेस, CPI, CPIM और VCK से मिल सकता है बाहरी समर्थन
- 7 मई तक शपथ ग्रहण की संभावना, गठबंधन वार्ता तेज
समग्र समाचार सेवा
चेन्नई ,तमिलनाडु 5 मई : तमिलनाडु की राजनीति में फिल्म स्टार से नेता बने विजय ने ऐतिहासिक एंट्री करते हुए अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बना दिया है। हालांकि, 234 सदस्यीय विधानसभा में 107 सीटें जीतकर भी पार्टी बहुमत के आंकड़े से 11 सीट दूर है, जिससे सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 107 सीटों पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ विजय ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को कड़ी चुनौती दी है। खास बात यह रही कि पार्टी ने चेन्नई जैसे शहरी इलाकों में भी मजबूत पकड़ बनाई और कई सीटों पर जीत हासिल की।
चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने सीधे तौर पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को निशाने पर रखा और बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ने का फैसला किया, जो अब तक सफल साबित हुआ है।
सरकार गठन के लिए जोड़-तोड़ शुरू
हालांकि, बहुमत से पीछे रहने के कारण अब असली चुनौती सरकार बनाने की है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं, भले ही शुरुआत में यह अल्पमत सरकार हो।
TVK को बाहर से समर्थन मिलने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और विदुथलाई चिरुथिगल काची जैसे दल समर्थन दे सकते हैं।
गठबंधन समीकरण बदलने के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति राज्य में नए गठबंधन समीकरण पैदा कर सकती है। कांग्रेस पहले ही चुनाव से पहले TVK के साथ बातचीत कर चुकी थी, जिससे DMK गठबंधन में दरार के संकेत मिलते हैं।
इसके अलावा पट्टाली मक्कल काची (PMK) के 5 विधायक भी किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, AIADMK और भारतीय जनता पार्टी के साथ TVK के गठबंधन की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
शपथ ग्रहण जल्द संभव
सूत्रों के मुताबिक, यदि समर्थन का आंकड़ा जुट जाता है तो 7 मई तक नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है। पार्टी के युवा नेताओं ने भी विश्वास जताया है कि सरकार गठन में कोई बाधा नहीं आएगी।
तमिलनाडु की राजनीति अब एक नए मोड़ पर खड़ी है, जहां विजय का अगला कदम यह तय करेगा कि उनकी ऐतिहासिक जीत सत्ता में बदलती है या नहीं।