27 मई दैनिक राशिफल एवं पंचांग

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🐏मेष

चिंता तथा तनाव रहेंगे। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। चोट व रोग से बचें। विवाद न करें। आवश्यकताएं बढ़ेंगी। आर्थिक तंगी हो सकती है। कर्ज से बचें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। शत्रु परेशान करेंगे। हानि नहीं पहुंचा पाएंगे।

🐂वृष

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। बकाया वसूली होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। नेत्र पीड़ा की संभावना। कुछ लाभ। यात्रा के योग टलेंगे। विरोधी सक्रिय होंगे। ज्ञानीजनों से मुलाकात होगी। शांति बनाना आवश्यक है। अकारण भय व्याप्त होगा।

👫मिथुन

कार्यप्रणाली में सुधार होगा। योजना फलीभूत होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। यात्रा के योग बनेंगे। लाभ होगा। राज्य से परेशानी हो सकती है। स्त्री को कष्ट। जायदाद वृद्धि के योग बनेंगे। विरोधी सक्रिय होंगे।

🦀कर्क

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बढ़ेगी। हानि-लाभ का वातावरण बनेगा। पराक्रम बढ़ेगा। विजय मिलेगी, गर्व न करें। ईमानदारी से कार्य करते रहें। समय पक्ष का है। स्त्री सुख, यात्रा में हानि, दुख। विरोधी कष्ट देंगे।

🐅सिंह

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। जल्दबाजी न करें। कष्ट होंगे। खर्च बढ़ेंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। धनागम के अवसर बनेंगे। ‘आ बैल मुझे मार’ की स्‍थिति निर्मित न होने दें। अकारण भय बना रहेगा। व्यापारी सोच-समझकर निर्णय लें।

🙍‍♀️कन्या

कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। हानि, भय, कष्ट का वातावरण बनेगा। कुछ लाभ के आसार दिखेंगे। दुखद समाचार मिलने की संभावना है। अस्वस्थता होगी। कुसंग से हानि, कुछ लाभ के आसार दिखेंगे।

⚖️तुला

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। थकान महसूस होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। कष्टों में वृद्धि के योग हैं। कुछ नए कार्य की संभावना सिद्ध होगी। कष्टों में निवृत्ति नहीं होगी। कलह से बचना होगा। अधिकार के लिए प्रयत्न करना होगा।

🦂वृश्चिक

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ होगा। रोग घेरेंगे। चिंताएं बढ़ेंगी। शत्रु शांत होंगे। अपमान, कष्ट, कलह से बचना होगा। राज्य से लाभ के अवसर बढ़ेंगे। लाभ होगा। शत्रु परेशान करेंगे। कुछ नुकसान होगा।

🏹धनु

दौड़-धूप अधिक होगी। बुरी सूचना मिल सकती है। विवाद न करें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। अकारण भय व्याप्त होगा। शत्रु शांत होंगे। वाहन देखकर चलाएं। परिस्‍थितियां अनुकूल होंगी। कुछ विरोध होगा। विरोधी अपमान करेंगे। शांति होगी।

🐊मकर

मेहनत‍ का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। घर-बाहर पूछ-परख बनी रहेगी। मातृपक्ष से परेशानी होगी। दुर्घटना की संभावना। धन मिलने की परिस्‍थिति निर्मित होगी। अंतरप्रेरणा से कार्य करें। धनागम के अवसर बढ़ेंगे। प्रमाद का त्याग करना होगा।

🍯कुंभ

भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत होंगे। कष्ट-भय की संभावना, अस्वस्थता, आलस्य का अनुभव करेंगे। धनागम होगा। शरीर शिथिल होगा। शत्रु शांत रहेंगे। लाभ-हानि बराबर रहेंगे। प्रमाद बढ़ेगा।

🐟मीन

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। शुभ समाचार की आशा बंधेगी। शत्रु षड्यंत्र रचेंगे। सावधान रहने की आवश्यकता है। पराक्रम दिखलाने का अवसर है। लाभ होगा। रिश्वत न लें। नम्रता बनाए रखें।

                                                                                       🌺 *श्री राम जानकी पंचांगम्* 🌺

*दिनांक:- 27/05/2025, मंगलवार*

अमावस्या, कृष्ण पक्ष,

ज्येष्ठ 

“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——– अमावस्या 08:31:14      तक 

तिथि — प्रतिपदा 29:01:55 (क्षय )

पक्ष———————— कृष्ण

नक्षत्र——— कृत्तिका 05:31:38

नक्षत्र——— रोहिणी 26:49:40

योग———— सुकर्मा 22:52:58

करण———— नाग 08:31:14

करण——- किन्स्तुघ्न 18:44:34

करण————– बव 29:01:55

वार——————— मंगलवार

माह————————-ज्येष्ठ

चन्द्र राशि—————-   वृषभ

सूर्य राशि—————–   वृषभ

रितु———————— ग्रीष्म

आयन——————-उत्तरायण

संवत्सर—————– विश्वावसु

संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी

विक्रम संवत————— 2082 

गुजराती संवत————– 2081 

शक संवत—————— 1947

कलि संवत—————– 5126

वृन्दावन 

सूर्योदय————– 05:26:33

सूर्यास्त————— 19:06:29

दिन काल———— 13:39:56

रात्री काल———— 10:19:46

चंद्रोदय————– 05:45:45

चंद्रास्त————— 19:44:09

लग्न—-  वृषभ 11°46′ , 41°46′

सूर्य नक्षत्र————— रोहिणी

चन्द्र नक्षत्र—————- कृत्तिका

नक्षत्र पाया—————— लोहा 

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

ए—- कृत्तिका 05:31:38

ओ—- रोहिणी 10:49:51

वा—- रोहिणी 16:08:48

वी—- रोहिणी 21:28:41

वु—- रोहिणी 26:49:40

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  वृषभ 11°49,       रोहिणी   1      ओ 

चन्द्र= वृषभ 09°30 ,       कृतिका   4      ए 

बुध =वृषभ 07°52 ‘           कृतिका   4     ए 

शु क्र= मीन 26°05,        रेवती     3       च 

मंगल=कर्क 24°30 ‘   आश्लेषा’      3     डे 

गुरु=मिथुन  02°30   मृगशिरा,      3      का 

शनि=मीन 06°48 ‘    उ o भा o  , 1       दू 

राहू=(व) कुम्भ 29°35 पू o भा o,     3    दा 

केतु= (व) सिंह 29°35  उ oफा o 1      टे

============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 15:42 – 17:24 अशुभ

यम घंटा 08:52 – 10:34 अशुभ

गुली काल 12:17 – 13: 59अशुभ 

अभिजित 11:49 – 12:44 शुभ

दूर मुहूर्त 08:11 – 09:05 अशुभ

दूर मुहूर्त 23:15 – 24:09* अशुभ

वर्ज्यम 19:42 – 21:07 अशुभ

प्रदोष 19:06 – 21:12     शुभ

💮चोघडिया, दिन

रोग 05:27 – 07:09 अशुभ

उद्वेग 07:09 – 08:52 अशुभ

चर 08:52 – 10:34 शुभ

लाभ 10:34 – 12:17 शुभ

अमृत 12:17 – 13:59 शुभ

काल 13:59 – 15:42 अशुभ

शुभ 15:42 – 17:24 शुभ

रोग 17:24 – 19:06 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 19:06 – 20:24 अशुभ

लाभ 20:24 – 21:41 शुभ

उद्वेग 21:41 – 22:59 अशुभ

शुभ 22:59 – 24:16* शुभ

अमृत 24:16* – 25:34* शुभ

चर 25:34* – 26:51* शुभ

रोग 26:51* – 28:09* अशुभ

काल 28:09* – 29:26* अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 05:27 – 06:35

सूर्य 06:35 – 07:43

शुक्र 07:43 – 08:52

बुध 08:52 – 09:59

चन्द्र 09:59 – 11:08

शनि 11:08 – 12:17

बृहस्पति 12:17 – 13:25

मंगल 13:25 – 14:33

सूर्य 14:33 – 15:42

शुक्र 15:42 – 16:50

बुध 16:50 – 17:58

चन्द्र 17:58 – 19:06

🚩होरा, रात

शनि 19:06 – 19:58

बृहस्पति 19:58 – 20:50

मंगल 20:50 – 21:41

सूर्य 21:41 – 22:33

शुक्र 22:33 – 23:25

बुध 23:25 – 24:16

चन्द्र 24:16* – 25:08

शनि 25:08* – 25:59

बृहस्पति 25:59* – 26:51

मंगल 26:51* – 27:43

सूर्य 27:43* – 28:35

शुक्र 28:35* – 29:26

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩*        

वृषभ   > 04:54 से  06:12     तक

मिथुन  > 06:12 से 09:02     तक

कर्क    > 09:02  से 11:16     तक

सिंह    > 11:16  से  13:32    तक

कन्या  > 13:32  से   15:48   तक

तुला   >  15:48  से  18:00    तक

वृश्चिक > 18:00 से  20:24    तक

धनु     > 20:24  से  22:34    तक

मकर   > 22:34 से  00:18     तक

कुम्भ   > 00:18  से  01:38    तक

मीन    > 01:28  से  02:58     तक

मेष     > 02:58  से  05:00     तक

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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 15 + 3 +  1 = 34  ÷ 4 = 2 शेष

 आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

   30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 =  2 शेष

गौरी सन्निधौ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

 * देवकार्य अमावस्या 

*वट सावित्री व्रत 

*सर्वार्थ सिद्धि योग 5:32 तक

*शनि जयंती 

*रोहिणी व्रत 

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

सुखार्थी चेत्यजेद्विद्यां विद्यार्थी चेत्त्यजेत्सुखम् ।

सुखार्थीनः कुतो विद्या सुखं विद्यार्थिनः कुतः ।।

।। चा o नी o।।

  जिसे अपने इन्द्रियों की तुष्टि चाहिए, वह विद्या अर्जन करने के सभी विचार भूल जाए. और जिसे ज्ञान चाहिए वह अपने इन्द्रियों की तुष्टि भूल जाये. जो इन्द्रिय विषयों में लगा है उसे ज्ञान कैसा, और जिसे ज्ञान है वह व्यर्थ की इन्द्रिय तुष्टि में लगा रहे यह संभव नहीं.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18

तत्रैवं सति कर्तारमात्मानं केवलं तु यः ।,

पश्यत्यकृतबुद्धित्वान्न स पश्यति दुर्मतिः ॥,

परन्तु ऐसा होने पर भी जो मनुष्य अशुद्ध बुद्धि (सत्संग और शास्त्र के अभ्यास से तथा भगवदर्थ कर्म और उपासना के करने से मनुष्य की बुद्धि शुद्ध होती है, इसलिए जो उपर्युक्त साधनों से रहित है, उसकी बुद्धि अशुद्ध है, ऐसा समझना चाहिए।,) होने के कारण उस विषय में यानी कर्मों के होने में केवल शुद्ध स्वरूप आत्मा को कर्ता समझता है, वह मलीन बुद्धि वाला अज्ञानी यथार्थ नहीं समझता॥,16॥,

                       आचार्य पं. अशोक मिश्रा मुंबई

                  मो.9870190475

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