दिल्ली: पार्किंग विवाद में हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या
निजामुद्दीन में पार्किंग को लेकर कहासुनी, बदमाशों ने आसिफ कुरैशी पर चाकू से किया हमला, अस्पताल में तोड़ा दम।
- अभिनेत्री हुमा कुरैशी के चचेरे भाई आसिफ कुरैशी की दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में पार्किंग विवाद को लेकर हत्या कर दी गई।
- घटना गुरुवार रात को हुई, जब आसिफ ने अपने घर के सामने से स्कूटी हटाने को कहा, जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया।
- पुलिस ने मामले में दो आरोपियों उज्ज्वल और गौतम को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 अगस्त, 2025 – देश की राजधानी दिल्ली में छोटी-छोटी बातों पर हिंसा और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में सामने आया है, जहां बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी के चचेरे भाई आसिफ कुरैशी (42) की हत्या कर दी गई। इस घटना का कारण एक मामूली पार्किंग विवाद बताया जा रहा है। गुरुवार रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था पार्किंग विवाद और कैसे हुई घटना?
यह घटना गुरुवार रात करीब 10:30 बजे जंगपुरा भोगल लेन में हुई। आसिफ कुरैशी ने अपने घर के मेन गेट के सामने खड़ी कुछ लोगों की स्कूटी हटाने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर आसिफ का उन लोगों से विवाद हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि कुछ ही देर में आरोपियों ने आसिफ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। आसिफ को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
आसिफ की पत्नी शाइना कुरैशी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपियों ने पहले भी पार्किंग को लेकर उनसे बहस की थी। पुलिस ने शाइना के बयान के आधार पर तुरंत कार्रवाई की और आसिफ के पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय उज्ज्वल और 18 वर्षीय गौतम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों में से एक आरोपी ने आसिफ की छाती पर धारदार वस्तु से वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
दिल्ली में हिंसक विवादों पर चिंता
यह घटना दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति और लोगों के बढ़ते गुस्से को दर्शाती है। पार्किंग जैसी सामान्य बातों पर भी लोगों का हिंसक हो जाना समाज में बढ़ती असहिष्णुता का संकेत है। इस तरह की घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर लोग इतनी छोटी-छोटी बातों पर क्यों हिंसक हो जाते हैं और इसका समाधान क्या है। आसिफ कुरैशी का मामला एक दुखद उदाहरण है कि कैसे एक मामूली विवाद किसी की जान ले सकता है। इस घटना ने एक बार फिर से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।