बिहार चुनाव 2025: दूसरे चरण में 122 सीटों पर बंपर वोटिंग
अंतिम चरण के मतदान में 20 जिलों की 122 सीटों पर 60% से अधिक मतदाताओं ने किया मतदान; सीमान्चल और मगध क्षेत्र में एनडीए vs महागठबंधन की टक्कर।
- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के तहत मंगलवार, 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ।
- चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस निर्णायक चरण में दोपहर 3 बजे तक लगभग 60.40 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जिससे रिकॉर्ड मतदान की संभावना बनी।
- यह चरण NDA (भाजपा, जदयू, हम) और महागठबंधन (राजद, कांग्रेस) के लिए निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें 20 जिलों के 1302 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई है।
समग्र समाचार सेवा
पटना , 11 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा चरण राज्य की अगली सरकार के गठन में निर्णायक साबित होने जा रहा है। मंगलवार को 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ। कुल 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता इस चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र थे, जिनमें 1.74 करोड़ महिला मतदाता शामिल थीं।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जिसमें युवा, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी शामिल थे। निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, और भारत-नेपाल सीमा के कई बिंदुओं को सील कर दिया गया था।
दोपहर 3 बजे तक, 60.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें किशनगंज (66.10%) जैसे जिलों में मतदाताओं ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया, जबकि नवादा (53.17%) में वोटिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी रही।
🎯 सीमान्चल और मगध पर केंद्रित राजनीतिक लड़ाई
इस चरण में मतदान वाले अधिकांश जिले सीमान्चल (Seemanchal), मगध और चंपारण क्षेत्रों में पड़ते हैं, जो बिहार की राजनीति में परिणाम बदलने वाले क्षेत्र माने जाते हैं।
सीमान्चल फैक्टर: किशनगंज, अररिया, पूर्णिया जैसे जिलों वाले सीमान्चल क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की सघनता अधिक है। यह क्षेत्र महागठबंधन (राजद, कांग्रेस) और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के लिए एक बड़ा युद्ध का मैदान है, जो NDA (भाजपा, जदयू) को कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
मगध का किला: औरंगाबाद, गया, जहानाबाद जैसे जिलों को मिलाकर बने मगध प्रमंडल में पिछली बार महागठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इस चरण में रोहतास और कैमूर की सीटें भी शामिल हैं, जहाँ एनडीए को अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती थी।
इस चरण में जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई प्रमुख नेताओं (जिनमें राज्य कैबिनेट के 12 मंत्री शामिल हैं) की प्रतिष्ठा दांव पर है, जिसमें वरिष्ठ जदयू नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम भी शामिल है।
📈 बंपर वोटिंग का संकेत: जनता का स्पष्ट जनादेश?
पहले चरण में 65.08 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान के बाद, दूसरे चरण में भी 60 प्रतिशत से अधिक वोटिंग होना, मतदाताओं के भारी उत्साह और मजबूत लोकतांत्रिक भागीदारी का संकेत देता है। दोनों प्रमुख गठबंधनों—NDA और महागठबंधन—ने अपने-अपने पक्ष में रिकॉर्ड मतदान का दावा किया है।
NDA का दावा: भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि जनता जंगल राज और ठगी को अनुमति नहीं देगी, और एनडीए को आशीर्वाद दे रही है।
महागठबंधन का नारा: विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने ‘रिजल्ट, रिस्पेक्ट और राइज’ का नारा दिया है।
इस चरण के मतदान के साथ ही, 1302 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य EVM में कैद हो गया है। अब सभी की निगाहें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना और उससे पहले आने वाले एग्जिट पोल (Exit Poll) के नतीजों पर टिकी हैं। एग्जिट पोल के नतीजे मंगलवार शाम 6:30 बजे के बाद जारी होने की संभावना है, जो एक संभावित चुनावी तस्वीर पेश कर सकते हैं।