ग्रीष्मकालीन यात्रियों के लिए बड़ी राहत
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे चलाएगा 18 समर स्पेशल ट्रेनें, कुल 88 ट्रिप
- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 18 समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन
- कुल 88 अतिरिक्त ट्रिप से यात्रियों को मिलेगा लाभ
- देशभर में 908 विशेष ट्रेनें चलाने की मंजूरी
- व्यस्त स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर और सुविधाएं बढ़ाई गईं
- गर्मियों की भीड़ कम करने और प्रतीक्षा सूची घटाने का लक्ष्य
समग्र समाचार सेवा
रायपुर, २३ अप्रैल: गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने देशभर में विशेष ट्रेनों का व्यापक संचालन शुरू किया है। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए 18 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से कुल 88 ट्रिप संचालित होंगे।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 के बीच देशभर में कुल 908 समर स्पेशल ट्रेनों को मंजूरी दी गई है, जो कुल 18,262 ट्रिप चलेंगी। इस पहल का उद्देश्य गर्मियों के चरम समय में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना और प्रतीक्षा सूची को कम करना है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा संचालित इन विशेष ट्रेनों में दुर्ग–हरिद्वार, गोंदिया–रक्सौल, रायपुर–खड़गपुर, बिलासपुर–शालीमार, कोरबा–यलहंका तथा इतवारी–शालीमार और मालदा जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं। इन ट्रेनों का संचालन अप्रैल से जून 2026 के बीच विभिन्न तिथियों और साप्ताहिक समय-सारणी के अनुसार किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने क्षेत्र के प्रमुख स्टेशनों—बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, इतवारी, रायगढ़ और शहडोल—पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इनमें प्लेटफॉर्म प्रबंधन में सुधार, अतिरिक्त टिकट काउंटर, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालयों का उन्नयन, बेहतर सफाई व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
रेलवे के अनुसार, इन समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को समय पर आरक्षण मिलने में सुविधा होगी, ट्रेनों में भीड़ कम होगी और लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी। यह पहल विशेष रूप से उन लाखों यात्रियों के लिए लाभकारी साबित होगी, जो गर्मियों में अपने गृह नगर या पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से ही आरक्षित करें, ताकि सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित हो सके।