24 अप्रैल दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
कम प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझकर निवेश करें। कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। कुसगंति से हानि होगी।

🐂वृष
दुष्टजनों से सावधान रहें, हानि पहुंचा सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कहीं से बुरी खबर मिल सकती है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। आज के काम कल पर नहीं टालें। विवेक का प्रयोग करें। लाभ होगा।

👫मिथुन
जल्दबाजी में कोई भी लेन-देन न करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। फालतू खर्च होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

🦀कर्क
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी के स्वास्‍थ्य पर खर्च होगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। चिंता तथा तनाव में वृद्धि होगी। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। समय नेष्ट है। नकारात्मकता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🐅सिंह
शत्रु शांत रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नए कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा।

🙍‍♀️कन्या
संतान पक्ष से स्वास्थ्‍य तथा अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यशैली में परिवर्तन करना पड़ सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे।

⚖️तुला
थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति हो सकती है। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🦂वृश्चिक
प्रेम-प्रसंग में हड़बड़ी न करें। विवाद हो सकता है। नकारात्मकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। युवक व युवती विशेष सावधानी बरतें। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। आय में निश्चितता रहेगी।

🏹धनु
कानूनी बाधा संभव है। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धनहानि किसी भी तरह हो सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ में वृद्धि होगी।

🐊मकर
कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अपमान हो। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। सुख के साधनों पर व्यय होगा। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। प्रॉपर्टी के काम बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में सुख-शांति रहेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें।

🍯कुंभ
आंखों को रोग व चोट से बचाएं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। मनोरंजक यात्रा की आयोजना हो सकती है। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। मित्र व संबंधियों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। कारोबार मनोनुकूल रहेगा। जोखिम न लें।

🐟मीन
कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से खिन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। भागदौड़ रहेगी। जोखिम न लें।

|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
🪷🙏 पंचांग 🙏🪷
🌺🌸🥀🍁🌞🙏🐟🌿🌳🌼
दिनाँक:-24/04/2026,शुक्रवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष,
वैशाख
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– अष्टमी 19:21:09. तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र————- पुष्य 20:13:27
योग————– शूल 25:23:22
करण——- विष्टि भद्र 08:00:39
करण————– बव 19:21:09
वार———————– शुक्रवार
माह———————– वैशाख
चन्द्र राशि——————- कर्क
सूर्य राशि——————– मेष
रितु————————– ग्रीष्म
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)——————- रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत ———————-1948
कलि संवत—————– 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:47:29
सूर्यास्त—————- 18:47:36
दिन काल-‐———– 13:00:06
रात्री काल————- 10:58:58
चंद्रोदय————— 12:00:15
चंद्रास्त—————‘ 25:56:49

लग्न—- मेष 9°37′ , 9°37′

सूर्य नक्षत्र—————– अश्विनी
चन्द्र नक्षत्र———————पुष्य
नक्षत्र पाया——————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

हे—- पुष्य 08:30:45

हो—- पुष्य 14:21:03

ड—- पुष्य 20:13:27

डी—-आश्लेषा 26:07:58

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मेष 09°12 , अश्वनी 3 चो
चन्द्र= कर्क 05°30 , पुष्य 2 हे
बुध = मीन 19°52 ‘ रेवती 1 दे
शु क्र= वृषभ 05°05, कृतिका 3 उ
मंगल= मीन 16°03 रेवती 1 दे
गुरु= मिथुन 23°33 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 14°13 ‘ उoभा o , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 12°02 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 12°02 मघा 4 मे
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 10:40 – 12:18 अशुभ
यम घंटा 15:33 – 17:10 अशुभ
गुली काल 07:25 – 09:03 अशुभ
अभिजित 11:52 – 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 08:24 – 09:16 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:44 – 13:36 अशुभ
प्रदोष 18:48 – 21:01. शुभ

🚩गंड मूल 20:13 – अशुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 05:47 – 07:25 शुभ
लाभ 07:25 – 09:03 शुभ
अमृत 09:03 10:40 शुभ
काल 10:40 12:18 अशुभ
शुभ 12:18 – 13:55 शुभ
रोग 13:55 – 15:33 अशुभ
उद्वेग 15:33 – 17:10 अशुभ
चर 17:10 18:48 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 18:48 – 20:10 अशुभ
काल 20:10 21:32 अशुभ
लाभ 21:32 – 22:55 शुभ
उद्वेग 22:55 – 24:17* अशुभ
शुभ 24:17* – 25:39* शुभ
अमृत 25:39* – 27:02* शुभ
चर 27:02* – 28:24* शुभ
रोग 28:24* – 29:47* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 05:47 -06:53
बुध 06:53- 07:58
चन्द्र 07:58- 09:03
शनि 09:03 -10:08
बृहस्पति 10:08 -11:13
मंगल 11:13 -12:18
सूर्य 12:18- 13:23
शुक्र 13:23 -14:28
बुध 14:28- 15:33
चन्द्र 15:33- 16:38
शनि 16:38 -17:43
बृहस्पति 17:43- 18:48

🚩होरा, रात

मंगल 18:48 -19:43
सूर्य 19:43 -20:37
शुक्र 20:37 -21:32
बुध 21:32 -22:27
चन्द्र 22:27 -23:22
शनि 23:22- 24:17
बृहस्पति 24:17-25:12
मंगल 25:12-26:07
सूर्य 26:07-27:02
शुक्र 27:02-27:57
बुध 27:57-28:52
चन्द्र 28:52-29:47

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मेष > 05:30 से 07:06 तक
वृषभ > 07:06 से 09:06 तक
मिथुन > 09:06 से 12:30 तक
कर्क > 12:30 से 13:40 तक
सिंह > 13:40 से 16:46 तक
कन्या > 16:46 से 18:06 तक
तुला > 18:06 से 20:28 तक
वृश्चिक > 20:28 से 22:34 तक
धनु > 22:34 से 00:24 तक
मकर > 00:24 से 02:24 तक
कुम्भ > 02:24 से 03:56 तक
मीन > 03:56 से 05:42 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

8 + 6 + 1 = 15 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

8 +8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रात: 08:05 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*श्री बगुलामुखी जयंती

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

एकोऽपि गुणवान् पुत्रो निर्गुणैश्च शतैर्वरः ।
एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति न च ताराः सहस्त्रशः ।।
।।चाoनीo।।

सैकड़ों गुणरहित पुत्रों से अच्छा एक गुणी पुत्र है क्योंकि एक चन्द्रमा ही रात्रि के अन्धकार को भगाता है, असंख्य तारे यह काम नहीं ।

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6

एतन्मे संशयं कृष्ण छेत्तुमर्हस्यशेषतः।
त्वदन्यः संशयस्यास्य छेत्ता न ह्युपपद्यते॥

हे श्रीकृष्ण! मेरे इस संशय को सम्पूर्ण रूप से छेदन करने के लिए आप ही योग्य हैं क्योंकि आपके सिवा दूसरा इस संशय का छेदन करने वाला मिलना संभव नहीं है

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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