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- डोनाल्ड ट्रंप 13-15 मई तक चीन दौरे पर रहेंगे
- ईरान, रूस और पश्चिम एशिया संकट पर होगी अहम चर्चा
- व्यापार, निवेश और ऊर्जा समझौतों पर भी रहेगा फोकस
- ताइवान नीति में बदलाव से अमेरिका ने किया इनकार
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 11 मई :अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump 13 से 15 मई तक तीन दिवसीय चीन दौरे पर जाने वाले हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इस दौरान ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच वैश्विक राजनीति, पश्चिम एशिया संकट, व्यापारिक संबंधों और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अहम बातचीत होने की संभावना है।बीजिंग में होगी अहम शिखर वार्ता
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर डोनाल्ड ट्रंप चीन की राजकीय यात्रा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ पश्चिम एशिया में तनाव भी लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हाल के महीनों में ईरान और रूस को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अमेरिका का मानना है कि चीन, ईरान और रूस की अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे रहा है। खासतौर पर हथियारों के पुर्जों और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति को लेकर वॉशिंगटन चिंतित है।
ईरान और रूस पर रणनीतिक चर्चा संभव
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ईरान का परमाणु कार्यक्रम, रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति प्रमुख एजेंडा में शामिल रहेंगे। अमेरिका हाल ही में ईरान के ऊर्जा और वित्तीय नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगा चुका है, जिससे चीन और ईरान के कारोबारी रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने हाल में कहा था कि अमेरिका ईरान के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहा है। उन्होंने “Economic Fury” अभियान के तहत कड़े कदम उठाने की बात कही।
व्यापार और निवेश समझौतों पर भी फोकस
दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को लेकर भी अहम चर्चा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित US-China Board of Trade और Board of Investment पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा एयरोस्पेस, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है।
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ट्रंप इस यात्रा के बाद शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन को इस साल वॉशिंगटन डीसी आने का निमंत्रण भी दे सकते हैं।
ताइवान मुद्दे पर अमेरिका ने दोहराई पुरानी नीति
ताइवान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि वॉशिंगटन की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ताइवान पर लगातार चर्चा होती रही है, लेकिन अमेरिका अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहेगा।