उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एमपी लीड फेलोशिप के प्रतिभागियों से किया संवाद

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  • उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में एमपी लीड फेलोशिप के 40 प्रतिभागियों से संवाद किया।
  • फेलोशिप को युवाओं के नेतृत्व विकास और करियर की मजबूत शुरुआत के लिए आदर्श मंच बताया।
  • लोकतंत्र की मजबूती के लिए अधिकारों के साथ नागरिक कर्तव्यों के पालन पर विशेष जोर दिया।
  • युवाओं से जिज्ञासा, नवाचार और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देकर विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली 2 जुलाई: उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में राज्यसभा सांसद डॉ. अजीत माधवराव गोपछड़े द्वारा शुरू की गई एमपी लीड (MP LEAD) फेलोशिप के 40 प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसी फेलोशिप युवा प्रतिभाओं को नेतृत्व, नीति निर्माण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि एमपी लीड फेलोशिप युवाओं के करियर की शुरुआत के लिए एक आदर्श मंच है। यह कार्यक्रम केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल छात्रों और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाती है तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर के नेताओं और नीति निर्माताओं से सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराती है।

लोकतंत्र में अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी महत्व

श्री राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की मजबूती केवल अधिकारों के प्रयोग से नहीं, बल्कि नागरिकों द्वारा अपने कर्तव्यों के ईमानदारी से पालन करने से सुनिश्चित होती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान की भावना को समझें और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें।

जिज्ञासा, नवाचार और राष्ट्रहित को अपनाने की अपील

उपराष्ट्रपति ने फेलोशिप के प्रतिभागियों से कहा कि वे सीखने की जिज्ञासा बनाए रखें, नए विचारों पर निर्भीकता से काम करें और हर कदम पर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि युवा सही दिशा में अपनी प्रतिभा का उपयोग करें, तो विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमपी लीड फेलोशिप भविष्य में ऐसे सक्षम, जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व का निर्माण करेगी, जो देश के विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने अनुभवों का अधिकतम लाभ उठाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास करने की शुभकामनाएं दीं l

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