- बांग्लादेश की आपत्तियों के कारण 4.35 किमी सीमा पर बाड़ नहीं
- 34.609 किमी नदीय सीमा भी बिना बाड़ के, बीएसएफ निगरानी में
- 228.541 किमी सीमा पर बाड़ का कार्य पूरा
- केंद्र सरकार अगले साल तक पूरी सीमा पर मजबूत निगरानी तंत्र बनाएगी
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी ,असम ,7 जुलाई : असम सरकार ने सोमवार को विधान सभा में बताया कि बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) की आपत्तियों के कारण राज्य की बांग्लादेश से लगी 4.35 किमी सीमा पर अभी तक बाड़ नहीं लग पाई है। इसके अलावा 34.609 किमी सीमा नदीय क्षेत्रों में पड़ती है, जहां बाड़ लगाना संभव नहीं है।सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि असम की कुल 267.5 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा में से 228.541 किमी पर कांटेदार तार की बाड़ लग चुकी है। धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, कछार और श्रीभूमि जिलों में यह सीमा फैली है।बोरा ने बताया कि श्रीभूमि जिले में कुशियारा नदी के किनारे भारतीय नागरिक रहते हैं, जहां बीजीबी के विरोध के चलते बाड़ नहीं लगाई जा सकी। इसके अलावा धुबरी में 30.37 किमी और दक्षिण सलमारा-मनकाचर में 4.239 किमी नदीय क्षेत्र में बाड़ संभव नहीं है।इन क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) आधुनिक निगरानी प्रणाली (CIBMS) व नाव पेट्रोलिंग से निगरानी कर रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि पाकिस्तान और बांग्लादेश की लगभग 6,000 किमी सीमा पर अगले साल तक उन्नत तकनीक से सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा।