- केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर आईबी की रिपोर्ट के आधार पर CJP का X अकाउंट ब्लॉक किया।
- कोर्ट ने कहा कि ब्लॉकिंग आदेश की समीक्षा कमिटी हर दो माह में बैठक करती है, जो इस मामले की जांच करेगी।
- CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके, जो अमेरिका में रहते हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा कमिटी के सामने पेश हो सकते हैं।
- वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिबल ने अकाउंट की अस्थायी बहाली की मांग की, लेकिन न्यायालय ने इसे सुनवाई के बाद ही निर्णय करने का संकेत दिया।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 29 मई : दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के X अकाउंट के ब्लॉक होने के मामले में केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी किया, लेकिन तत्काल अकाउंट बहाल करने का आदेश नहीं दिया।न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने कहा कि सरकार की दलीलों को सुने बिना इस मामले में कोई राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि इसमें व्यापक और गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू हैं। कोर्ट ने कहा कि पूरे मामले को समग्र रूप से देखा जाएगा।
कोर्ट की टिप्पणियां और आगे की कार्यवाही
कोर्ट ने यह भी कहा कि अब तक न तो याचिकाकर्ता और न ही कोर्ट को ब्लॉकिंग का आदेश दिखाया गया है। X ने भी इस आदेश को केवल सूचित किया है, पर आदेश की प्रति नहीं दी।
न्यायालय ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी की पृष्ठभूमि
CJP एक ऑनलाइन सैटायर समूह है, जो बेरोजगारी, संस्थागत जवाबदेही और मीडिया स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर व्यंग्य करता है। यह आंदोलन सोशल मीडिया पर खासकर युवाओं में लोकप्रिय हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणियों के बाद यह आंदोलन और चर्चा में आया था, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवा वकीलों की आलोचना करते हुए “कॉकरोच” शब्द का प्रयोग किया था।