- संसदीय समिति ने कहा- 99% लोग योजना के पक्ष में हैं।
- राज्यों के विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है।
- चुनावी खर्च व प्रशासनिक बोझ घटाने पर ज़ोर।
- 2029 से देश भर में एक साथ चुनाव का प्रस्ताव।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12 जुलाई : आम जनता और विभिन्न राजनीतिक दलों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। समिति चुनावी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में सुझाव एकत्रित कर रही है।
वन नेशन वन इलेक्शन यानी पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की ऐतिहासिक योजना को लेकर संसदीय समिति ने बड़ा बयान दिया है। समिति के अध्यक्ष ने कहा है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो 2029 से यह योजना लागू की जा सकती है। समिति की ओर से बताया गया कि तकरीबन 99% लोग इसके पक्ष में हैं। यह समर्थन सिर्फ जनता ही नहीं, बल्कि कई राज्यों के राजनीतिक विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी है।
समिति ने विभिन्न राज्यों के विशेषज्ञों, कानूनविदों और प्रशासनिक अधिकारियों से राय-मशविरा शुरू कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश में बार-बार होने वाले चुनावों से जुड़ी आर्थिक लागत, प्रशासनिक बोझ और समय की बर्बादी को कम करना है। समिति का मानना है कि बार-बार चुनाव होने से सरकारी योजनाओं की रफ्तार थम जाती है और संसाधनों का दुरुपयोग होता है।
समिति के अध्यक्ष ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सस्ती बनाना समय की जरूरत है। देशभर में एक साथ चुनाव कराने से न केवल सरकारी खर्च घटेगा, बल्कि विकास कार्यों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। फिलहाल, समिति सुझाव और रिपोर्ट एकत्र कर रही है, जिसके बाद एक विस्तृत प्रस्ताव सरकार के सामने रखा जाएगा।