11 जून राशिफल ,पंचाग

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🐏मेष

कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से खिन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। भागदौड़ रहेगी। जोखिम न लें।

🐂वृष

आंखों को रोग व चोट से बचाएं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। मनोरंजक यात्रा की आयोजना हो सकती है। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। मित्र व संबंधियों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। कारोबार मनोनुकूल रहेगा। जोखिम न लें।

👫मिथुन

कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अपमान हो। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। सुख के साधनों पर व्यय होगा। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। प्रॉपर्टी के काम बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में सुख-शांति रहेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें।

🦀कर्क

कानूनी बाधा संभव है। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धनहानि किसी भी तरह हो सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ में वृद्धि होगी।

🐅सिंह

प्रेम-प्रसंग में हड़बड़ी न करें। विवाद हो सकता है। नकारात्मकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। युवक व युवती विशेष सावधानी बरतें। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। आय में निश्चितता रहेगी।

🙍‍♀️कन्या

थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति हो सकती है। धन प्राप्ति सुगम होगी।

⚖️तुला

संतान पक्ष से स्वास्थ्‍य तथा अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यशैली में परिवर्तन करना पड़ सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे।

🦂वृश्चिक

शत्रु शांत रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नए कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा।

🏹धनु

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी के स्वास्‍थ्य पर खर्च होगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। चिंता तथा तनाव में वृद्धि होगी। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। समय नेष्ट है। नकारात्मकता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🐊मकर

जल्दबाजी में कोई भी लेन-देन न करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। फालतू खर्च होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

🍯कुंभ

दुष्टजनों से सावधान रहें, हानि पहुंचा सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कहीं से बुरी खबर मिल सकती है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। आज के काम कल पर नहीं टालें। विवेक का प्रयोग करें। लाभ होगा।

🐟मीन

कम प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझकर निवेश करें। कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। कुसगंति से हानि होगी।

जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||*

🌻🙏 *पंचांग* 🙏🌻

  • 🦜🏵️🌸🍁🌹🙏🥀🌳🌺🌿

*दिनाँक:-11/06/2026,गुरुवार*

एकादशी, कृष्ण पक्ष,

अधिक ज्येष्ठ

“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——– एकादशी 22:35:39. तक

पक्ष————————- कृष्ण

नक्षत्र———— रेवती 08:15:32

योग———— शोभन 24:59:01

करण————– बव 11:51:42

करण———- बालव 22:35:39

वार———————– गुरूवार

माह—————— अधिक ज्येष्ठ

चन्द्र राशि—– मीन 08:15:32

चन्द्र राशि——————- मेष

सूर्य राशि ———————- वृषभ

रितु————————–ग्रीष्म

आयन——————- उत्तरायण

संवत्सर——————- पराभव

संवत्सर (उत्तर)——————- रौद्र

विक्रम संवत————— 2083

गुजराती संवत————- 2082

शक संवत—————– 1948

कलि संवत—————- 5127

वृन्दावन

सूर्योदय————— 05:24:34

सूर्यास्त—————- 19:13:19

दिन काल————- 13:48:45

रात्री काल————- 10:11:16

चंद्रास्त—————- 15:11:04

चंद्रोदय————— 26:25:40

लग्न—- वृषभ 25°53′ , 55°53′

सूर्य नक्षत्र————— मृगशिरा

चन्द्र नक्षत्र——————- रेवती

नक्षत्र पाया——————- स्वर्ण

*🚩💮🚩 पद, चरण. 🚩💮🚩*

ची—- रेवती 08:15:32

चु—- अश्विनी 13:52:20

चे—- अश्विनी 19:26:33

चो—- अश्विनी 24:58:16

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

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सूर्य= वृषभ 25°12 , मृगशिरा 1 वे

चन्द्र= मीन 28°30 , रेवती. 4 ची

बुध = मिथुन 19°52 ‘ आर्द्रा 4 छ

शु क्र= मिथुन 02°05, पुनर्वसु 4 ही

मंगल= मेष 22° 17 °23 भरणी 3 ले

गुरु= कर्क 01°33 पुनर्वसु, 4 ही

शनि=मीन 18°30 ‘ रेवती , 1 दे

राहू=(व) कुम्भ 09°30 शतभिषा, 1 गो

केतु= (व) सिंह 09°30 मघा 3 मू

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*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 14:03 – 15:46 अशुभ

यम घंटा 05:25 – 07:08 अशुभ

गुली काल 08:52 – 10:35 अशुभ

अभिजित 11:51 – 12:47 शुभ

दूर मुहूर्त 10:01 – 10:56 अशुभ

दूर मुहूर्त 15:32 – 16:28 अशुभ

वर्ज्यम 26:48* – 28:16* अशुभ

प्रदोष 19:13 – 21:17. शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 05:25 – 07:08 शुभ

रोग 07:08 – 08:52 अशुभ

उद्वेग 08:52 – 10:35 अशुभ

चर 10:35 – 12:19 शुभ

लाभ 12:19 14:03 शुभ

अमृत 14:03 15:46 शुभ

काल 15:46 17:30 अशुभ

शुभ 17:30 – 19:13 शुभ

 

🚩चोघडिया, रात

 

अमृत 19:13 – 20:30 शुभ

चर 20:30 – 21:46 शुभ

रोग 21:46 – 23:03 अशुभ

काल 23:03 24:19* अशुभ

लाभ 24:19* – 25:35* शुभ

उद्वेग 25:35* – 26:52* अशुभ

शुभ 26:52* – 28:08* शुभ

अमृत 28:08* – 29:25* शुभ

 

💮होरा, दिन

 

बृहस्पति 05:25- 06:34

मंगल 06:34 -07:43

सूर्य 07:43- 08:52

शुक्र 08:52 -10:01

बुध 10:01- 11:10

चन्द्र 11:10- 12:19

शनि 12:19 -13:28

बृहस्पति 13:28- 14:37

मंगल 14:37- 15:46

सूर्य 15:46- 16:55

शुक्र 16:55 -18:04

बुध 18:04 -19:13

 

🚩होरा, रात

 

चन्द्र 19:13- 20:04

शनि 20:04- 20:55

बृहस्पति 20:55- 21:46

मंगल 21:46- 22:37

सूर्य 22:37- 23:28

शुक्र 23:28- 24:19

बुध 24:19-25:10

चन्द्र 25:10-26:01

शनि 26:01- 26:52

बृहस्पति 26:52-27:43

मंगल 27:43-28:34

सूर्य 28:34 -29:25

 

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

 

वृषभ > 03:46 से 05:42 तक

मिथुन > 05:42 से 07:56 तक

कर्क > 07:56 से 10:16 तक

सिंह > 10:16 से 12:32 तक

कन्या > 12:32 से 14:46 तक

तुला > 14:46 से 17:04 तक

वृश्चिक > 17:04 से 19:24 तक

धनु > 19:24 से 21:28 तक

मकर > 21:28 से 23:14 तक

कुम्भ > 23:14 से 00:50 तक

मीन > 00:50 से 02:18 तक

मेष > 02:18 से 03:44 तक

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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 11 + 5 + 1 = 32 ÷ 4 = 0 शेष

पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*कमला पुरूषोत्तम एकादशी व्रत

*पंचक समाप्त 08:15 पर

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

एकोदरसमुद् भूता एकनक्षत्रजातकाः ।

न भवन्ति समाः शीला यथा बदरिकण्टकाः ।।

।।चाoनीo।।

अनेक व्यक्ति जो एक ही गर्भ से पैदा हुए है या एक ही नक्षत्र में पैदा हुए है वे एकसे नहीं रहते. उसी प्रकार जैसे बेर के झाड के सभी बेर एक से नहीं रहते.

 

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-8

तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युद्ध च।

मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयम्‌॥

इसलिए हे अर्जुन! तू सब समय में निरंतर मेरा स्मरण कर और युद्ध भी कर। इस प्रकार मुझमें अर्पण किए हुए मन-बुद्धि से युक्त होकर तू निःसंदेह मुझको ही प्राप्त होगा

 

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