- डॉ. बिमल पटेल को ITLOS के न्यायाधीश के रूप में चुना गया।
- वे संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय कानून आयोग के सदस्य भी हैं।
- ITLOS समुद्र कानून से जुड़े विवादों का समाधान करता है।
- भारत की बहुपक्षवाद और समुद्र कानून में यह महत्वपूर्ण सफलता है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली – भारत के सुप्रसिद्ध न्यायविद डॉ. बिमल पटेल को अंतरराष्ट्रीय समुद्र कानून न्यायाधिकरण (ITLOS) के न्यायाधीश के रूप में निर्वाचित किया गया है। यह पद उन्हें संयुक्त राष्ट्र के 1982 के समुद्र कानून सम्मेलन के तहत मिला है, जो समुद्री विवादों के समाधान और समुद्री कानूनों के अनुपालन की निगरानी करता है।
न्यायाधिकरण और बिमल पटेल की भूमिका
आईटीएलओएस एक स्वतंत्र न्यायिक संस्था है, जो समुद्र कानून से जुड़ी विवादों का निपटारा करती है। इसमें 21 स्वतंत्र सदस्य होते हैं, जिन्हें सम्मेलन के सदस्य देशों द्वारा गुप्त मतदान से चुना जाता है। डॉ. पटेल इस न्यायाधिकरण में भारत का गौरव बढ़ाएंगे।
बिमल पटेल वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय कानून आयोग के सदस्य हैं, साथ ही वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी जुड़े हैं। वे राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर और सार्वजनिक अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रोफेसर भी हैं।
उनके अनुभव और योगदान
डॉ. पटेल ने अपनी करियर में 15 वर्ष से अधिक समय तक संयुक्त राष्ट्र युवा संगठन और रासायनिक हथियारों के निषेध संगठन (OPCW) जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक संगठनों में कार्य किया है। वे गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के निदेशक और भारत के 21वें विधि आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं।
भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
भारत के स्थायी मिशन ने डॉ. पटेल के चुनाव पर खुशी जताते हुए इसे भारत की बहुपक्षवाद और समुद्र कानून के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। यह चुनाव भारत के अंतरराष्ट्रीय न्याय क्षेत्र में बढ़ती भूमिका का संकेत है।