डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा चीन ने 220 मिलियन वोटरों का डेटा चुराया
ट्रंप का आरोप: चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों का डेटा चुराया, जल्द पेश करेंगे सबूत
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, चीन ने 220 मिलियन वोटरों का डेटा चुराया
- राष्ट्रपति चुनाव 2020 के दौरान कथित साइबर सेंधमारी का आरोप
- ट्रंप बोले- जल्द सार्वजनिक होंगे खुफिया दस्तावेज, एजेंसियों को जांच के आदेश
- विपक्ष ने आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया, अब तक पुष्टि नहीं
समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन, 18 जुलाई :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन पर गंभीर साइबर अपराध का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि चीनी हैकरों ने अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डेटा चोरी को अंजाम दिया और करीब 22 करोड़ (220 मिलियन) अमेरिकी वोटरों का निजी डेटा अवैध रूप से हासिल किया। ट्रंप ने इसे अमेरिकी चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी डेटा सेंधमारी करार दिया है।
व्हाइट हाउस से देश को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही इससे जुड़े खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक करेगा। उन्होंने दावा किया कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान चीन ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाया और मतदाताओं का डेटा चुरा लिया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों या विपक्षी दलों ने भी आरोपों को सही नहीं ठहराया है।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने नेशनल इंटेलिजेंस, डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस, एफबीआई और सीआईए को इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने जानकारी छिपाई है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जरूरत पड़ी तो आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाए।