डॉक्टरों पर हमले के मामले में शिंदे सेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द
बॉम्बे हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने की अपील की
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने विशेष सुनवाई में शिंदे सेना (एकनाथ शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द की
- म्हात्रे पर निगम अस्पताल के तीन डॉक्टरों पर हमला करने का आरोप, चार अन्य आरोपी साथियों की जमानत भी रद्द
- हाईकोर्ट ने कहा—मजिस्ट्रेट ने आरोपी के पुराने मामलों और डॉक्टरों पर हमले की गंभीरता को नजरअंदाज किया
- अदालत ने म्हात्रे को 19 जुलाई शाम 5 बजे तक डोंबिवली पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करने का आदेश
- डॉक्टरों से 22 जुलाई की हड़ताल वापस लेने की अपील, “जनहित में और मानव सेवा को ध्यान में रखते हुए फैसला लें”
समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 18 जुलाई :बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को शिवसेना (शिंदे गुट) के मौजूदा पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके चार सहयोगियों की जमानत रद्द कर दी है। म्हात्रे और उनके साथियों पर कल्याण के एक निगम अस्पताल में तीन डॉक्टरों पर गंभीर हमला करने का आरोप है।
अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट ने जमानत देते समय आरोपी के आपराधिक इतिहास और डॉक्टरों पर हमले की गंभीरता को नजरअंदाज किया। अदालत ने आदेश दिया कि म्हात्रे और उनके सहयोगी 19 जुलाई शाम 5 बजे तक डोंबिवली पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करें। ऐसा न करने पर पुलिस उनकी संपत्ति अटैच कर सकती है।
गौरतलब है कि म्हात्रे को जमानत मिलने के बाद महाराष्ट्र के डॉक्टरों ने 22 जुलाई से काम बंद करने का ऐलान किया था। हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से अपील की कि वे जनहित और मानव सेवा को ध्यान में रखते हुए हड़ताल पर पुनर्विचार करें।