- नीलाचल पहाड़ी पर शुरू होगा अंबुबाची महायोग 2026।
- मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तीर्थयात्रियों का स्वागत किया।
- माँ कामाख्या धाम में होगा विशाल आध्यात्मिक समागम।
- उत्सव के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी से सहयोग की अपील।
- अंबुबाची को परंपरा, आस्था और भक्ति के अद्वितीय संगम के रूप में बताया।
- नीलाचल पहाड़ी पर भक्ति और आध्यात्मिकता का महाकुंभ।
- माँ कामाख्या धाम में श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तीर्थयात्रियों का हार्दिक स्वागत।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 22 जून: नीलाचल पहाड़ी एक बार फिर आस्था, भक्ति और सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा के स्वर से गुंजायमान होने के लिए तैयार है। इसी अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने अंबुबाची महायोग 2026 के लिए असमवासियों तथा विश्वभर के श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया है।
देश-विदेश के तीर्थयात्रियों का हार्दिक स्वागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिपीठ कामाख्या धाम में आयोजित होने वाला अंबुबाची महायोग केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय आध्यात्मिकता, संस्कृति और आस्था का विराट संगम है। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तीर्थयात्रियों का उन्होंने हार्दिक स्वागत किया।
सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने अंबुबाची महायोग के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों, स्वयंसेवकों, प्रशासन, विभिन्न संगठनों तथा श्रद्धालुओं से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस विशाल आध्यात्मिक समागम को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
परंपरा और आस्था का अद्वितीय प्रतीक
प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ आयोजित होने वाला अंबुबाची महायोग माँ कामाख्या धाम की आध्यात्मिक महिमा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित करता है। इस वर्ष भी उत्सव को लेकर गुवाहाटी में व्यापक तैयारियाँ चल रही हैं तथा उम्मीद की जा रही है कि नीलाचल पहाड़ी भक्ति, साधना और आध्यात्मिक शक्ति के एक विशाल मंच में परिवर्तित होगी।