शक्तिपीठ कामाख्या में शुरू हुआ अंबुबाची महायोग
तीन दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे मंदिर के कपाट
- शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर में कल से अंबुबाची महायोग की शुरुआत हो गई है।
- कल रात 9 बजकर 8 मिनट 42 सेकंड पर अंबुबाची प्रवृत्ति आरंभ हुई।
- प्रवृत्ति शुरू होते ही कामाख्या मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए।
- आज और परसों तक मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे।
- अंबुबाची महायोग के अवसर पर नीलाचल पहाड़ी पर श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तांत्रिकों का भारी जमावड़ा।
- निर्धारित समय पर मंदिर के कपाट पुनः खुलने के बाद दर्शन और पूजा-अर्चना शुरू होगी।
- कामाख्या में आरंभ हुआ पवित्र अंबुबाची महायोग
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 23 जून: शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर में कल से बहुप्रतीक्षित अंबुबाची महायोग का शुभारंभ हो गया है। शाक्त परंपरा के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माने जाने वाले इस महायोग के अवसर पर नीलाचल पहाड़ी पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु, साधु-संत और तांत्रिक पहुंचे हैं।
रात 9 बजकर 8 मिनट 42 सेकंड पर शुरू हुई प्रवृत्ति
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि में मां कामाख्या ऋतुमती होती हैं। इसी मान्यता के तहत कल रात 9 बजकर 8 मिनट 42 सेकंड पर अंबुबाची प्रवृत्ति शुरू होते ही मंदिर के मुख्य कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए।
तीन दिनों तक बंद रहेगा मंदिर
अंबुबाची महायोग की परंपरा के अनुसार आज से लेकर अगले तीन दिनों तक कामाख्या मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान नियमित दर्शन और पूजा-अर्चना स्थगित रहेगी, हालांकि मंदिर परिसर के भीतर निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे।
नीलाचल पर श्रद्धालुओं और साधु-संतों का जमावड़ा
अंबुबाची महायोग के अवसर पर नीलाचल पहाड़ी पर आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, तांत्रिक और धर्मप्रेमी लोग कामाख्या धाम पहुंचे हैं।
कपाट खुलने के बाद शुरू होंगे दर्शन
अंबुबाची निवृत्ति के बाद शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट पुनः खोले जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु मां कामाख्या के दर्शन कर सकेंगे तथा अंबुबाची का पवित्र प्रसाद और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
अंबुबाची महायोग को लेकर गुवाहाटी शहर और नीलाचल पहाड़ी क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।