गुवाहाटी :अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना राष्ट्रीय चर्चा,कार्यशाला आयोजित

कॉटन विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के तहत राष्ट्रीय चर्चा चक्र और राज्य महासचिवों की कार्यशाला का आयोजन

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  • कॉटन विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के तहत राष्ट्रीय चर्चा चक्र और राज्य महासचिवों की कार्यशाला का आयोजन।
  • मुख्य अतिथि असम के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री तरंग गोगोई, विशिष्ट अतिथि स्थानीय विधायक श्री विजय गुप्ता।
  • दो महत्वपूर्ण इतिहास ग्रंथों— “The Glorious Itihaas of Assam” और “मध्यकालीन असम का सामरिक इतिहास”—का विमोचन।
  • देशभर के इतिहासकारों, शोधकर्ताओं और प्रतिनिधियों ने भारतीय इतिहास के अनछुए और महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।

समग्र समाचार सेवा

गुवाहाटी,असम , 19  जुलाई, : गुवाहाटी के प्रतिष्ठित कॉटन विश्वविद्यालय में आज अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के सहयोग से राष्ट्रीय चर्चा चक्र और आल इंडिया स्तर के राज्य महासचिव एवं संगठनात्मक सचिवों की कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्देश्य भारतीय इतिहास के गौरवपूर्ण अध्यायों को संकलित कर नई पीढ़ी के सामने सही ऐतिहासिक जानकारी प्रस्तुत करना है।

कार्यक्रम 

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:00 बजे दीप प्रज्वलन, मंगलाचरण और संकल्प के साथ हुई। कॉटन विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, असम के उपाध्यक्ष प्रोफेसर रमेश चंद्र डेका ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत किया।

मुख्य अतिथि के रूप में असम के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री तरंग गोगोई उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “इतिहास किसी भी राष्ट्र की आत्मा है। हमारे गौरवशाली इतिहास की पुनर्स्थापना वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यकता है।”

विशिष्ट अतिथि स्थानीय विधायक श्री विजय गुप्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और इस सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक प्रयास की सराहना की।

इस अवसर पर इतिहास विषयक दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया— हेमंत ढिंग माजुमदार द्वारा संपादित “The Glorious Itihas of Assam” तथा डॉ. भरत कलिता द्वारा रचित, श्री लालजी सोनारी द्वारा हिन्दी अनुवादित “मध्यकालीन असम का सामरिक इतिहास”।

मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठनात्मक सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडे ने इतिहास लेखन में वस्तुनिष्ठता, तथ्यान्वेषण और भारतीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.पी. बंग्सल और योजना के संरक्षक प्रमुख श्री गोपाल नारायण सिंह ने भी अतिथि के रूप में अपने विचार साझा किए।

अध्यक्षता अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने की। उद्घाटन सत्र के अंत में कॉटन विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. हीरेन डेका ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और “वंदे मातरम” गीत के साथ उद्घाटन सत्र संपन्न हुआ।

देश के विभिन्न हिस्सों से आए शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और प्रतिनिधियों ने भारतीय इतिहास के कई अनछुए और महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा एवं विचार-विमर्श किया।

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