महाराष्ट्र पुलिस का ‘ऑपरेशन कॉम्बिंग’
मध्यप्रदेश के उमरती गांव में अवैध हथियार नेटवर्क पर पांच घंटे की बड़ी कार्रवाई
- महाराष्ट्र पुलिस की 400+ जवानों की उमरती गांव में छापेमारी, 45 घरों की तलाशी
- 20 संदिग्धों से पूछताछ, 12 को हिरासत में लेकर जांच, बाद में नोटिस देकर रिहा
- दो आरोपी गिरफ्तार, देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, हथियार बनाने का सामान जब्त
- 32 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, जियो-टैगिंग तकनीक से 27 फरार आरोपियों के घरों की डिजिटल मैपिंग
समग्र समाचार सेवा
बड़वानी/जलगांव 23 जुलाई :अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने ‘ऑपरेशन कॉम्बिंग’ के तहत मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के उमरती गांव में पांच घंटे तक सघन छापेमारी की। इस समन्वित अभियान में महाराष्ट्र के 400 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हुए, जिसे राज्य पुलिस के अब तक के सबसे बड़े हथियार-विरोधी ऑपरेशनों में गिना जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन उन फरार आरोपियों और अवैध हथियार निर्माण/आपूर्ति से जुड़े लोगों के खिलाफ था, जो महाराष्ट्र में अपराधों में संलिप्त रहे हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया और उनके पास से दो देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, हथियार बनाने के उपकरण और कच्चा माल बरामद किया। 32 मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं, जिनमें से कई नासिक ग्रामीण क्षेत्र में पंजीकृत हैं और चोरी की आशंका है।
ऑपरेशन की अगुवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक नाखाते ने की। इसमें जलगांव, नासिक ग्रामीण और धुले जिले के अधिकारी शामिल थे। जलगांव एसपी श्रीकांत ढिवारे ने बताया कि इस कार्रवाई का मकसद महाराष्ट्र में अपराधी नेटवर्क को हथियारों की आपूर्ति रोकना है।
महिला पुलिसकर्मियों की खास तैनाती की गई थी ताकि तलाशी के दौरान महिला निवासियों को संभाला जा सके। पुलिस ने पहली बार जियो-टैगिंग तकनीक से 27 फरार-संदिग्धों के घरों को डिजिटल रूप से मैप किया, जिससे आगे निगरानी और कार्रवाई में मदद मिलेगी ।