- हैदराबाद स्थित नालसा लॉ यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह के लिए CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाए जाने पर छात्रों ने विरोध जताया।
- छात्रों ने आरोप लगाया—CJI ने युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहा, पुलिस ज्यादती के वीडियो देखने से इनकार किया और प्रदर्शनकारियों की बातों को महत्व नहीं दिया।
- छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर मुख्य अतिथि चयन पर पुनर्विचार और छात्रों से सलाह-मशविरा करने की मांग की।
- छात्रों का तर्क—CJI का हालिया व्यवहार संवैधानिक और न्यायिक मूल्यों के खिलाफ।
- दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने को लेकर छात्र असहज, विश्वविद्यालय की छवि और मूल्यों के अनुरूप प्रमुख अतिथि की मांग की।
- याचिका में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, महिलाओं-बच्चों की चोट और सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने की अपील।
समग्र समाचार सेवा | हैदराबाद, 10 अगस्त 2026
हैदराबाद की नालसा लॉ यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर छात्रों के एक समूह ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
छात्रों का कहना है कि CJI की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी और हालिया पुलिस ज्यादती पर सुप्रीम कोर्ट के रवैये के चलते वे उनसे डिग्री लेना नहीं चाहते।
छात्रों ने प्रशासन को पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार और छात्रों से सलाह-मशविरा करने की मांग की है।
छात्रों का तर्क है कि विश्वविद्यालय के संविधानिक और न्यायिक मूल्यों की रक्षा के लिए ऐसे अतिथि का चयन हो, जो इन आदर्शों का सम्मान करता हो।