‘डाक सेवा’ और ‘डाक मित्र’ ऐप से अब एक क्लिक पर मिलेंगी सभी सेवाएं
डिजिटल तकनीक और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ भारतीय डाक ने देश में जनसेवा के एक नए युग की शुरुआत कर दी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अत्याधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया है।
- डिजिटल सशक्तिकरण: ‘डाक मित्र’ ऐप के जरिए 1.4 लाख ब्रांच पोस्ट ऑफिस से बैंकिंग, बीमा और पार्सल सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध हो रही हैं।
- बढ़ता राजस्व: वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय डाक का राजस्व बढ़कर ₹15,296 करोड़ हो गया है, जो लगभग 16% की शानदार वृद्धि दर्शाता है।
- आधुनिक बुनियादी ढांचा: देश भर में डाकघरों के आधुनिकीकरण के तहत 14 नए नवीनीकरण किए गए डाकघरों का शुभारंभ किया गया है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 अगस्त: डिजिटल क्रांति के इस दौर में देश की सबसे पुरानी और भरोसेमंद संस्थाओं में शुमार भारतीय डाक (India Post) अब पूरी तरह से आधुनिक स्वरूप में ढल चुकी है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘डाक मित्र’ और ‘डाक सेवा’ ऐप के साथ-साथ 14 नवीनीकरण किए गए आधुनिक डाकघरों का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सुलभ सेवाएं प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

बदलती तकनीक और नागरिक-केंद्रित सेवाएं
आज के समय में नागरिकों की अपेक्षा है कि हर सरकारी सेवा उनके मोबाइल स्क्रीन पर एक उंगली के स्पर्श से उपलब्ध हो। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए भारतीय डाक ने अपनी पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से पुनः डिजाइन किया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने स्पष्ट किया कि डिजिटल परिवर्तन का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि भौतिक डाकघरों का महत्व कम हुआ है, बल्कि यह पारंपरिक विश्वास को नई तकनीकी गति प्रदान करने का एक अनूठा प्रयास है।

‘डाक मित्र’ ऐप: डाक सेवकों के हाथों में डिजिटल ताकत
‘डाक मित्र’ ऐप को विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने वाले डाक सेवकों को सशक्त बनाने के लिए विकसित किया गया है। मई 2025 में इसके उन्नत स्वरूप के आने के बाद से यह ऐप देश के 1.4 लाख से अधिक ब्रांच पोस्ट ऑफिस में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
बेहतरीन आंकड़े: इस ऐप के माध्यम से अब तक 2.45 करोड़ घरेलू स्पीड पोस्ट और पार्सल बुकिंग दर्ज की जा चुकी हैं।
वित्तीय समावेशन: आधार-आधारित केवाईसी के माध्यम से बचत खाता खोलना और बायोमेट्रिक नकद निकासी जैसी सुविधाओं ने आम जनता का जीवन बेहद आसान बना दिया है। इसके जरिए कुल ₹5,431 करोड़ का प्रीमियम कलेक्शन भी दर्ज किया गया है।
‘डाक सेवा’ ऐप: हर नागरिक की जेब में अब डिजिटल डाकघर
जून 2025 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए गए ‘डाक सेवा’ ऐप को जनता से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। लॉन्च होने के बाद से इसे लगभग 10 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसके जरिए 91.34 लाख से अधिक मेल एवं पार्सल आर्टिकल बुक किए जा चुके हैं।
इस ऐप की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
23 भारतीय भाषाएं: यह ऐप देश के हर कोने के नागरिक के लिए उनकी स्थानीय भाषा में उपलब्ध है।
व्यापक सेवाएं: इसके माध्यम से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पार्सल की ट्रैकिंग, ई-मनी ऑर्डर, पिन कोड की जानकारी और डाक शुल्क की गणना की जा सकती है।
आसान भुगतान: यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, एसबीआई ई-पे और कार्ड के जरिए सुरक्षित डिजिटल भुगतान की सुविधा इसमें शामिल है।
भौतिक डाकघरों का कायाकल्प और आधुनिकीकरण
डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार की योजना के तहत देश के 17 राज्यों में 40 आधुनिक डाकघरों का कायाकल्प किया जा रहा है, जिसमें से 27 का कार्य पूरा हो चुका है। हाल ही में पाटलिपुत्र (बिहार), वसंत कुंज (दिल्ली), गुरुग्राम (हरियाणा), काकुरगाची (कोलकाता), विदिशा, सांची (मध्य प्रदेश), शिलॉन्ग (मेघालय), कांदिवली (मुंबई), नागपुर, लखनऊ और प्रयागराज समेत कुल 14 आधुनिक डाकघरों का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों पर नागरिकों को पारंपरिक विश्वास के साथ-साथ आधुनिक कॉर्पोरेट जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

आर्थिक रूप से सशक्त होता भारतीय डाक
भारतीय डाक केवल तकनीकी विस्तार ही नहीं कर रहा, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी लगातार मजबूत हो रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में ₹13,218 करोड़ का राजस्व अर्जित करने वाला विभाग, वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹15,296 करोड़ पर पहुंच गया है, जो लगभग 16% की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹4,008.95 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक तिमाही राजस्व दर्ज करते हुए विभाग ने साल-दर-साल लगभग 22% की ऐतिहासिक छलांग लगाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, भारतीय डाक आज ‘डाक सेवा, जन सेवा’ के मूल मंत्र के साथ देश के अंतिम छोर तक के नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।