🐏मेष
नौकरी में सप्ताह की शुरुआत व्यस्तता भरी रहेगी। किसी बड़े सौदे पर हस्ताक्षर करने से पहले नियम व शर्तें ठीक से पढ़ें। पुराने विवादों को उठाने से बचें, तालमेल बिठाएं। पारिवारिक जरूरतों पर धन खर्च होगा। काम का तनाव हावी न होने दें।
🐂वृषभ
नौकरी में स्थिरता रहेगी और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। बिजनेस विस्तार की योजना सोच-समझकर बनाएं। प्रेम संबंधों में मधुरता और विश्वास बढ़ेगा। धन स्थिति अच्छी रहेगी। संतुलित आहार लें।
👫मिथुन
नए सौदे या क्लाइंट्स मिलने के योग हैं। मीडिया, संचार और मार्केटिंग के जातकों के लिए दिन फलदायी है। स्पष्ट बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। आय के नए स्रोत बनेंगे। बीच-बीच में आराम करें।
🦀कर्क
कार्यस्थल पर किसी के उकसावे में न आएं। व्यावसायिक निवेश से पहले बाजार का रुख समझें। अधिक भावुकता के कारण साथी से अनबन हो सकती है। घरेलू बजट बनाकर चलना ही सही रहेगा। नींद पूरी लें।
🐅सिंह
कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्व और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नया बिजनेस प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनेगी। व्यस्तता के कारण पार्टनर की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन लाभ होगा, लेकिन खर्च भी साथ-साथ चलेंगे। एसिडिटी से बचें।
🙎♀️कन्या
काम में सटीकता आपको लाभ दिलाएगी। पुराने क्लाइंट्स से नया बिजनेस मिल सकता है। कमियां निकालने के बजाय एक-दूसरे का सहयोग करें। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। पैरों में दर्द की शिकायत रह सकती है।
⚖️तुला
टीम वर्क से बड़े लक्ष्य हासिल होंगे। बिजनेस में कागजी दस्तावेज दुरुस्त रखें। लव लाइफ में मिठास रहेगी, साथ घूमने का प्लान बनेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कंधों की कसरत करें।
🦂वृश्चिक
एकाग्रता से कठिन काम भी आसान हो जाएंगे। पुराने व्यावसायिक सौदे लाभदायक सिद्ध होंगे। रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ेगा। वित्तीय स्थिति मजबूत रहेगी। मानसिक शांति का अनुभव होगा।
🏹धनु
नए लक्ष्य तय करने और उन पर काम शुरू करने का बेहतरीन दिन है। डिजिटल व ऑनलाइन बिजनेस में तेजी आएगी। पार्टनर के साथ खुशनुमा पल बिताएंगे। वित्तीय लाभ मिलने के आसार हैं। शारीरिक ऊर्जा अच्छी रहेगी।
🐊मकर
धैर्य से काम लें, मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। पुराने ग्राहकों से व्यापारिक लाभ संभव है। काम की व्यस्तता के बीच पार्टनर के लिए समय जरूर निकालें। पैसों की स्थिति संतुलित रहेगी। जोड़ों व घुटनों का ध्यान रखें।
🍯कुंभ
इनोवेशन से कार्यक्षेत्र में बढ़त मिलेगी। नए ग्राहक मिलने से बिजनेस में तेजी आएगी। साथी के साथ खुलकर अपनी योजनाएं साझा करें, सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। अत्यधिक काम से थकान महसूस हो सकती है।
🐟मीन
आपकी रचनात्मकता की सराहना होगी। नए व्यापारिक संबंध स्थापित होंगे। भावनात्मक रूप से मजबूती महसूस करेंगे, परिवार का पूरा समर्थन मिलेगा। आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी। बचत पर ध्यान दें।
दिनाँक:-28/08/2026,शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल
समाप्ति काल)
तिथि——– पूर्णिमा 09:47:34 तक
पक्ष—-‐——–‐‐——– शुक्ल
नक्षत्र—‐— शतभिषा27:12:20
योग——– अतिगंड 07:26:51
करण———– बव 09:47:34
करण——— बालव 21:55:40
वार——————— शुक्रवार
माह——————— श्रावण
चन्द्र राशि‐–‐——‐——- कुम्भ
सूर्य राशि-‐—————– सिंह
रितु—————‐——– शरद
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर———‐——- पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————- 05:57:17
सूर्यास्त————– 18:43:13
दिन काल———– 12:45:55
रात्री काल———– 11:14:32
चंद्रास्त————– 06:16:30
चंद्रोदय————– 18:50:43
लग्न—-सिंह 10°31′, 130°31′
सूर्य नक्षत्र—————— मघा
चन्द्र नक्षत्र—‐——— शतभिषा
नक्षत्र पाया—————– ताम्र
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*!
गो—- शतभिषा 08:31:55
सा—- शतभिषा 14:47:14
सी—- शतभिषा 21:00:42
सू—- शतभिषा 27:12:20
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 10°30 , मघा 4 मे
चन्द्र= मकर 25°30 , शतभिषा 1 गो
बुध = सिंह 10°52 ‘ मघा 4 मे
शु क्र= कन्या 25°05, चित्रा 1 पे
मंगल= मिथुन 16°17 आर्द्रा 3 ङ
गुरु= कर्क 18°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°22 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°22 मघा 2 मी
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
चन्द्र ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:*
श्रावणेधिकमासे च आर्द्रायां च गते रवौ।शिवमेन्द्र गते योगे शुक्ले च व्यतिपातके॥हरानंग हरीणांच तिथौ करणे चतुष्पदे।सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येSभिजित क्षणे॥शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके।नित्याराधन काले तु शिववासं न चिंतयेत॥
🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
श्रावणी उपाकर्म (पूर्णिमा)
रक्षा बंधन
*ऋषि तर्पण
गायत्री जयंती
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
यावत्स्वस्थो ह्ययं देहो यावन्मृत्युश्च दूरतः ।
तावदात्महितं कुर्यात् प्राणान्ते किं करिष्यति।।
।।चाoनीo।।
जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: विभूतियोग अo-10
पुरोधसां च मुख्यं मां विद्धि पार्थ बृहस्पतिम्।
सेनानीनामहं स्कन्दः सरसामस्मि सागरः
=================
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
अग्नि वास ज्ञान -:*
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 6 + 1 = 22 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
चन्द्र ग्रह मुखहुति
शिव वास एवं फल -:*
श्रावणेधिकमासे च आर्द्रायां च गते रवौ।शिवमेन्द्र गते योगे शुक्ले च व्यतिपातके॥हरानंग हरीणांच तिथौ करणे चतुष्पदे।सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येSभिजित क्षणे॥शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके।नित्याराधन काले तु शिववासं न चिंतयेत॥
🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
श्रावणी उपाकर्म (पूर्णिमा)
रक्षा बंधन
*ऋषि तर्पण
गायत्री जयंती
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
यावत्स्वस्थो ह्ययं देहो यावन्मृत्युश्च दूरतः ।
तावदात्महितं कुर्यात् प्राणान्ते किं करिष्यति।।
।चाoनीo।।
जब