लद्दाख के उपराज्यपाल को J&K का अतिरिक्त प्रभार
राष्ट्रपति भवन ने जारी किया आधिकारिक आदेश, मनोज सिन्हा के अवकाश पर रहने के दौरान विनय कुमार सक्सेना संभालेंगे कार्यभार।
- राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- जम्मू-कश्मीर के मौजूदा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अवकाश पर जाने के कारण यह अस्थायी व्यवस्था की गई है।
- विनय कुमार सक्सेना अपने नियमित कर्तव्यों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक कार्यों का भी सुचारू संचालन करेंगे।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10 सितंबर: देश के केंद्र शासित प्रदेशों की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है। भारत के राष्ट्रपति ने आधिकारिक तौर पर यह निर्देश जारी किया है कि लद्दाख के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेनाअपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के कार्यालय के कार्यों का भी निर्वहन करेंगे। यह व्यवस्था जम्मू-कश्मीर के मौजूदा उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा के कुछ समय के लिए अवकाश (leave) पर जाने के कारण की गई है। प्रशासनिक निरंतरता और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में कामकाज किसी भी प्रकार से बाधित न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक निरंतरता और सुरक्षा प्रबंध
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों ही केंद्र शासित प्रदेश रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में वहां की प्रशासनिक मशीनरी का सुचारू रूप से कार्य करना अनिवार्य होता है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अवकाश के दौरान नीतिगत मामलों, विकास परियोजनाओं की समीक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े अहम निर्णयों को समय पर लेने के लिए एक अनुभवी प्रशासक की आवश्यकता थी। लद्दाख में अपने कार्यकाल के दौरान विनय कुमार सक्सेना ने कई प्रशासनिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है, जिसके चलते उन्हें इस अतिरिक्त और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आदेश
राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी गई है। आदेश के अनुसार, जब तक मनोज सिन्हा अपने अवकाश की अवधि पूरी कर वापस अपने पद का कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक विनय कुमार सक्सेना दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक समन्वय को संभालेंगे। इस व्यवस्था से केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल बना रहेगा तथा जनता से जुड़े जरूरी काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ते रहेंगे। दोनों क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं ताकि प्रशासनिक कार्यों में पूरी पारदर्शिता और तत्परता बनी रहे।